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सिद्दीपेट (तेलंगाना).  तेलंगाना (Telangana) के सिद्दीपेट (Siddipet) जिले के डूब्बा तांडा गांव के लोगों ने अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) को ‘वास्तविक हीरो’ (Real Hero)बताते हुए एक मंदिर का निर्माण किया और वहां उनकी आवक्ष प्रतिमा स्थापित की।

क्यों हुआ ऐसा:

कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच प्रवासी लोगों की मदद करने के लिए अभिनेता की तारीफ हो रही है। इस मंदिर और प्रतिमा का अनावरण रविवार को हुआ और जनजातीय महिलाओं ने इस मौके पर पारंपरिक कपड़े पहने और लोक गीतों पर नृत्य किया।

क्यों हैं सोनू सूद इतने विख्यात:

गौरतलब है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान लाखों प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने और कई बेरोजगार लोगों को काम दिलवाने के चलते बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद पिछले कई महीनों से चर्चा में बने हुए हैं। अपनी दरियादिली से आज सोनू ने अपने फैन्स के दिल वो जगह बना ली है जिसकी दुसरे बड़े स्टार सिर्फ सपना संजोते हैं।

क्या कहते हैं गाँववाले:

जिस गाँव में यह मंदिर बना है उसी गाँव के एक रहवासीका कहना है कि, सोनू ने कोरोना के दौरान कई लोगों की मदद की थी और अब भी कर रहे हैं। यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि अब हमने उनका ही मंदिर बनाया है ।

क्या कहना  हैं सोनू का:

कुछ ग्रामीणों ने प्रतिमा के अनावरण के बाद आरती उतारी और तिलक लगाते हुए कहा कि अभिनेता सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मंदिर निर्माण की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता ने ट्वीट किया, ‘‘ इसके लायक नहीं हूं, सर। नतमस्तक।” 

Courtsey: BBC News Marathi

इससे पहले ये खबरें थीं कि लोगों की मदद करने में रत सोनू ने मुंबई की अपनी कई प्रॉपर्टी मॉर्टगेज करवाई हैं ताकि वह 10 करोड़ रुपए जुटा सकें और उससे अप्रवासी मजदूरों, गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों की मदद कर सकें।अगर हम लोगों के और स्वयं सोनू के ट्वीट देखें तो हमें सोनू की दरियादिली का एक छोटा सा अंश ही समझ में आएगा। सोनू इंसानियत के लिए आपके जज्बे को सलाम।। सलाम आपकी हिम्मत को भी। किसी ने कहा भी है कि,

जिंदगी में अच्छे लोगों की तलाश मत करो, बस आप स्वयं अच्छे बन जाओ। आपसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो।