30 के बाद ही स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा

धुलिया. राज्य सरकार ने सोमवार से स्कूल शुरू करने का फैसला लिया था. घोषणा के अनुसार, शिक्षा विभाग ने पिछले सप्ताह से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी. शिक्षकों का कोरोना परीक्षण भी युद्धस्तर पर शुरू हुआ. शिक्षा विभाग रविवार शाम तक काम में व्यस्त था, क्योंकि सोमवार से स्कूल शुरू होने वाली थी. सोमवार से स्कूल शुरू करने संबंधी समाचार भी शिक्षा विभाग से दिए जाने लगे. इतना बड़ा महत्वपूर्ण फैसला जिलाधिकारी द्वारा लिया जाएगा, इस बात को लेकर शिक्षा विभाग अंधेरे में रहा. इसी दौरान जिलाधिकारी संजय यादव ने स्पष्ट किया कि स्कूल शुरू करने के संबंध में जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं है. दुनिया के कुछ देशों में और भारत के कुछ राज्यों में भी, कोरोना की दूसरी लहर की खबर चल रही है. ऐसे में स्कूल शुरू कर शिक्षक और छात्रों की जान को खतरे में डालना ठीक नहीं है.

कोरोना जैसी महामारी को देखते हुए स्कूलों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय, छात्र परिवहन की स्थिति, ग्रामीण स्तर पर कोरोना की स्थिति और सुरक्षा उपायों का गहन अध्ययन करने के बाद, एक ही समय में सभी स्कूलों को शुरू किए बिना, चरणों में स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा. इस तरह का निर्देश जिलाधिकारी ने सोमवार को शिक्षा विभाग को दिया.

इसके साथ ही स्कूल स्तर पर थर्मल गन, ऑक्सीमीटर और सैनिटाइज़र की उपलब्धता का अध्ययन करें और सात दिनों के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया. स्कूल अभिभावकों को आश्वस्त किए बिना शुरू नहीं करेंगे. छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, जिला कलेक्टर की भूमिका का स्वागत किया जा रहा है. दरमियान धुलिया महानगर पालिका सभागृह में माध्यमिक शिक्षक सहायक आयुक्त शांताराम गोसावी, उपायुक्त गणेश गिरी, माध्यमिक शिक्षणाधिकारी सुभाष बोरसे उपस्थित थे. यहां 30 नवम्बर के बाद के बाद स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया गया.