जानें मौनी अमावस्या का महत्व और शुभ मुहूर्त

-सीमा कुमारी

हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल मौनी अमावस्या 24 जनवरी के दिन रविवार को पड़ रही है। हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है| यह अमावस्या माघ महीने में आती है| इसलिए इसे माघ अमवास्या भी कहते हैं| इस दिन व्रत रखने वाले को मौन धारण करते हुए दिन भर मुनियों सा आचरण करना पड़ता है| इसी कारण यह अमावस्या मौनी अमावस्या कहलाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान से विशेष पुण्य लाभ प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत बन जाता है| इसलिये माघ स्नान के लिये माघी अमावस्या यानि मौनी अमावस्या को बहुत ही खास माना गया है। आइए जानते हैं क्या है मौनी अमावस्या में स्नान करने का 

शुभ मुहूर्त-
23 जनवरी शनिवार को रात 1:41 बजे शुरू हो गयी है। इसका मान 24 जनवरी रविवार को रात 2:06 बजे तक रहेगा। इस दिन स्नान-दान का मुहूर्त भोर से रात तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार स्नान-दान का विशेष पुण्य काल सुबह 4 बजे से सुबह 7 बजे तक रहेगा।

महत्व-
हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या का बड़ा महत्व है| क्योंकि इस दिन व्यक्ति स्नान तथा जप आदि के बाद हवन, दान आदि कर सकता है। इससे पापों का नाश होता है। इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल की प्राप्ति होती है। माघ मास की अमावस्या तिथि और पूर्णिमा तिथि दोनों का ही महत्व इस मास में होता है।

मौनी अमावस्या के दिन क्या दान करें?
मौनी अमावस्या के दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कंबल, गरम वस्त्र, काले कपड़े, जूते दान करने का विशेष महत्व है। वहीं जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा नीच का है, उन्हें दूध, चावल, खीर, मिश्री, बताशा दान करने में विशेष फल की प्राप्ति होगी| इस दिन नर्मदा, गंगा, सिंधु, कावेरी सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप, अनुष्ठान करने से कई दोषों का निवारण होता है| इस दिन ब्रह्मदेव और गायत्री का भी पूजन विशेष फलदायी होता है| अमावस्या के दिन 108 बार तुलसी परिक्रमा करें| जिन लोगों का चंद्रमा कमजोर है, वह गाय को दही और चावल खिलाएं तो मानसिक शांति प्राप्त होगी| इसके अलावा मंत्र जाप, सिद्धि साधना एवं दान कर मौन व्रत को धारण करने से पुण्य प्राप्ति और भगवान का आशीर्वाद मिलता है| इस दिन मौन व्रत धारण करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है|