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    अकोला. महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित पूरे देश में कोरोना (Corona Virus) संक्रमितों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बना रही है। जिसके वजह से अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन (Oxygen) की भारी कमी हो गई है। जिस कारण कई राज्यों में लोगों की मौत होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। एक ओर महराष्ट्र में जहां ऑक्सीजन की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ अकोला जिले (Akola District) में ऑक्सीजन का भंडार होने पर भरने के लिए सिलेंडर ही उपलब्ध नहीं है।

    जिले में कोरोना से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बनी हुई है. जिले में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ रही है. यह मांग पूरी करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से प्रयास कर रहा है, लेकिन अब नयी समस्या सामने खड़ी हो गयी है.

    शहर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय व सर्वोपचार अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और मुर्तिजापुर के उप जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन निर्मिति के प्लांट खड़े किए गए हैं लेकिन यहां तैयार किया गया ऑक्सीजन भरने के लिए खाली सिलेंडरों नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की समस्या निर्माण हुई है.

    फरवरी से लेकर मार्च माह तक ऑक्सीजन की मांग चार से पांच मेट्रिक टन थी. लेकिन अब ऑक्सीजन की मांग 11.156 मेट्रिक टन तक पहुंच गयी है. मांग बढ़ने के बावजूद फिलहाल प्रति दिन 10.940 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है. इसका मतलब है कि जितना ऑक्सीजन निर्माण किया जा रहा है लगभग उतने ही ऑक्सीजन का उपयोग हो रहा है.

    चूंकि ऑक्सीजन के खाली सिलेंडरों की कमी है, जिससे ऑक्सीजन का भंडारण कैसे करें यह सवाल निर्माण हुआ है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इसके लिए रास्ता निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

    अकोला वर्तमान में सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन बहुत कम उपलब्ध है. ऑक्सीजन संयंत्र में ऑक्सीजन है, लेकिन इसे भरने और अस्पताल में आपूर्ति करने के लिए सिलेंडर कम चल रहे हैं. अकोला में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली चार फर्म हैं. उनके पास करीब 3 हजार से 3 हजार 200 सिलेंडर हैं.

    हालांकि कोविड रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण प्रशासन ने कुछ और कोविड केंद्रों को मंजूरी दी है. इससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति कम हो गई है. नए खाली सिलेंडर की मांग की गयी है लेकिन उन्हें आने के लिए एक से डेढ़ माह तक इंतजार करना होगा.