Sachin Vaze WhatsApp

    मुंबई. देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर ‘एंटीलिया’ (Antilia) के पास बीते 25 फरवरी को जिलेटिन युक्त विस्फोटक भरी स्कॉर्पियो (Scorpio) मिलने के मामले में हर दिन एक नया मोड़ आ रहा है। अब इस मामले में घिरे असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाझे (Sachin Vaze) का एक वॉट्सऐप स्टेटस (WhatsApp Status) सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें लिखा है कि, ‘अब दुनिया से अलविदा कहने का समय आ गया है।’ हालांकि उनके नंबर पर अब यह स्टेटस नजर नहीं आ रहा। पुलिस सूत्रों की माने तो अधिकारियों के समझाने के बाद उन्होंने स्टेटस को हटा दिया।

    WhatsApp स्टेटस में क्या लिखा है?

    वायरल स्टेटस में वाझे ने लिखा, “3 मार्च 2004 को, सीआईडी में मेरे सहयोगियों ने मुझे झूठे आरोप में गिरफ्तार किया था। वह मामला अभी भी क्लियर नहीं हुआ है, लेकिन अब इतिहास खुद को दोहरा रहा है। मेरे सहकर्मी अब मेरे लिए फिर से एक जाल बिछा रहे हैं। तब और अब की स्थिति में थोड़ा अंतर है। उस समय मेरे पास 17 साल का धैर्य, आशा, जीवन और सेवा थी, लेकिन अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन है और न ही सेवा। बचने की कोई उम्मीद नहीं। यह दुनिया को अलविदा कहने का समय है।”

    मनसुख हिरेन की हत्या का आरोप

    गौरतलब है कि जिलेटिन युक्त विस्फोटक भरी स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में वाझे पर आरोप लगे हैं। हिरेन की पत्नी ने वाझे पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया है। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया गया। इसके बाद विपक्ष के दबाव में वाझे का तबादला दूसरे विभाग में कर दिया गया। इस मामले की जांच एटीएस कर रही है, जबकि स्फोटक रखने वाले मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है। दोनों एजेंसियां जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी हुई हैं।

    एटीएस ने की वाझे से लंबी पूछताछ

    मनसुख हिरेन की मौत मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वाझे का बयान एनआईए ने दर्ज किया है। साथ ही एटीएस ने भी वाझे से लंबी पूछताछ की है। वाझे का तबादला पहले पुलिस के गुप्त वार्ता विभाग से सीएफसी विभाग में किया गया अब उन्हें नगरी सुविधा केंद्र में भेजा गया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि एटीएस उन्हें मनसुख की मौत के मामले में कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

    वहीं वाझे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ठाणे सत्र न्यायालय में यचिका दायर कर दी थी। अदालत ने फौरी तौर पर अंतरिम जमानत देने से इंकार किया है। इस मामले की सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।

    एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रह चुके है सचिन वाझे

    सचिन वाझे का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 1972 में हुआ था। राज्य की सिविल सेवाओं को क्लियर करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग सब इंस्पेक्टर रैंक पर हुई। वाझे एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी रह चुके है। उन्होंने अपने कार्यकाल में 63 एनकाउंटर किए हैं और उनकी तारीफ शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे भी कर चुके हैं। वाझे ने पुलिस में 30 साल सेवा दी है। जिसमें से 12 साल तक वे पुलिस विभाग से बाहर रहे हैं। लेकिन राज्य में जैसे ही शिवसेना की सरकार आई उनकी पुलिस में वापसी हुई।