24 घंटे ड्यूटी पर तैनात, मध्य रेल के कोरोना वारियर्स

– लोकल चलने से मिली राहत 

मुंबई. लॉकडाउन की विपरित परिस्थितियों में भी रेलवे के  स्टेशन प्रबंधक,मोटरमैन,गार्ड, टिकट चेकिंग स्टाफ,आरपीएफ, नियंत्रण कार्यालय व अन्य कर्मचारी 24 घंटे अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं.राज्य सरकार के  आवश्यक कर्मचारियों के लिए मध्य रेल,मेन लाइन और हार्बर लाइन पर 200 सेवाएं (100 डाउन और 100 अप) चलाई जा रहीं हैं.इनमें 130 सेवाएं मेन लाइन पर सीएसएमटी- कसारा- कर्जत-कल्याण-डोंबिवली-ठाणे के बीच चल रही हैं.जबकि 70 सेवाएं सीएसएमटी-पनवेल के बीच हार्बर लाइन पर चलाई जा रही हैं.इससे अत्यावश्यक कार्य में लगे कर्मचारियों को काफी राहत मिली है.

समय की काफी बचत हो रही 

लोकल से यात्रा करने वाली सायन डेंटल अस्पताल में मेडिकल आफीसर के रूप में कार्यरत मोक्षी जैन ने कहा कि लोकल की वजह से यात्रा में सुखद हो गई, उन्होंने रेलवे को धन्यवाद दिया.एक और लोकल यात्री स्टॉफ नर्स शीला सिंह  ने कहा लोकल शुरू होने से अस्पताल पहूंचने में समय की काफी बचत हो रही है. मध्य रेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन मोटरमैन गार्ड,स्टेशन मैनेजर,आरपीएफ, टिकट चेकिंग स्टाफ, कंट्रोल स्टाफ,मेंटेनेंस गतिविधियों में शामिल कर्मचारी व अन्य स्टाफ इस संकटकाल में  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. रेलवे कर्मचारियों को मास्क पहनने,बार-बार हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.

लोकल में 700 यात्रियों को यात्रा की अनुमति 

मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार के अनुसार लोकल में भी सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए ,लगभग 1,200 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता के विपरित , प्रति ट्रेन केवल 700 यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी गई है. सीएसएमटी, ठाणे, कल्याण व अन्य स्टेशनों पर सोशल डिस्टेंसिग पर ध्यान दिया जा रहा है.उपनगरीय स्टेशन एवं लोकल की साफ सफाई एवं सेनेटाइजेशन का काम लगातार जारी है.राज्य सरकार के चिन्हित आवश्यक कर्मचारियों के अलावा अन्य लोगों से स्टेशन न आने की अपील की गई है.