पश्चिम रेलवे ने ढोया 8.65 मिलियन टन माल

11.47 करोड़ की आय

मुंबई. लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे की मालगाड़ियों ने 8.65 मिलियन टन माल का परिवहन किया है. सीपीआरओ रविंद्र भाकर के अनुसार, पश्चिम रेलवे ने 251 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से 38,000 टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया गया, जिनमें कृषि उपज, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं. इससे लगभग 11.47 करोड़ की आय हुई. इस दौरान 31 दूध स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनसे 3.91करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई.

इसी तरह, 216 कोविड-19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं और लगभग 6.78 करोड़ रुपये आय हुई. 21 मई को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए  दूध की एक रेक सहित 5 पार्सल स्पेशल ट्रेनें छोड़ी गईं, जिनमें दादर-भुज, बांद्रा टर्मिनस-ओखा,ओखा- बांद्रा टर्मिनस और मुंबई सेंट्रल-फिरोजपुर विशेष ट्रेनें शामिल हैं. एक दूध की रेक पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए रवाना हुई.  उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित पश्चिम रेलवे पर होने वाली कमाई का लॉकडाउन के कारण कुल 971.42 करोड़ रुपये का घाटा भी हुआ है.

अब तक टिकटों के निरस्तीकरण कर पश्चिम रेलवे ने 278.78करोड़ रुपये का रिफंड दिया. मुंबई डिवीजन ने अकेले 134.17 करोड़ रुपये रिफंड किए, जबकि अब तक, 42.86 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं.