Public representatives come forward to defeat Corona

    मालेगांव. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) मामले में नाशिक (Nashik) इन दिनों देश का सबसे बड़ा हब बन चुका है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में भी मरीजों (Patients) की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कोरोना को हराने के लिए आगे आना चाहिए। यह बातें राज्य के कृषि और पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री दादा भूसे ने कही। वह ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के रोगियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर तहसील के सभी चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, करंजगव्हाण, वडनेर, रावलगांव और सौंदाणे की समीक्षा बैठक सम्बोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि डरो नहीं, लेकिन सावधान रहो। प्राथमिक स्तर पर इलाज होने पर कोरोना को तुरंत रोकना संभव है। लोगों को चाहिए कि जब जरुरत ना हो घर से बाहर ना निकले। उन्होंने क्वारंटाइन हुए मरीजों से अपने परिवार के साथ गांव का ध्यान रखने की अपील की ताकि संक्रमण न फैले।

    निर्देशों का पालन करना जरुरी

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। सभी को यह समझना चाहिए कि रोगी सेवा भगवान की सेवा है, जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण स्तर पर हर अधिकारी और कर्मचारी का सहयोग करना चाहिए। कोरोना के संकट के दौरान प्रतिकूल परिस्थितियों में ग्राम स्तर की तलाठियों, ग्राम सेवकों, कृषि सहायकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों को हर दिन गांव में मौजूद रहना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि निर्देश का अनुपालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

    बैठक में पंचायत समिति सदस्य भगवान मालपुरे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कपिल अहेर, तहसीलदार चंद्रजीत राजपूत, समूह विकास अधिकारी जितेंद्र देवरे, तहसील के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेश निकम, कृषि अधिकारी किरण शिंदे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अबुल फैजी, डॉ. दीपक निकम, डॉ. सपना बविस्कर, डॉ. अमोल जाधव, डॉ. प्रांजल पाटिल, डॉ. ऐश्वर्या पनपालिया, डॉ. निर्मल कुमार जगदाले के साथ सरपंच, उप सरपंच, पुलिस पाटिल, ग्रामसेवक, स्वास्थ्यकर्मी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    जल्द होगी 22 लाख टीके की आपूर्ति

    जिले और तहसील में टीकाकरण की दर अच्छी है और टीकों की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नागरिकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन मंत्री भूसे ने भी नागरिकों से पहल करने और टीका लगवाने की अपील की। उन्होंने कुछ दिनों में 22 लाख टीकों की आपूर्ति की सूचना भी दी।

     ग्रामीण क्षेत्रों में 120 बेड की सुविधा

    तहसील के भायगांव में सरकारी आदिवासी बच्चों के अस्पताल में ग्रामीण मरीजों के लिए 120 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा निमगांव में 50 बेड की एक अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों के रोगियों के लिए सामान्य अस्पताल में 100 बेड को आरक्षित किया गया है। मंत्री भूसे ने कहा कि ग्राम समितियों सहित सतर्कता समितियों को कोरोना रोगियों की निगरानी करने की आवश्यकता है, मंत्री भूसे ने कहा कि तहसील में आज 71 प्रतिबंधित क्षेत्र हैं और वर्तमान में 110 सक्रिय रोगियों का रावलगांव में, 144 मरीजों का वडनेर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजगव्हाण में इलाज चल रहा है। सौंदाणे में 661 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 

     ग्रामीण क्षेत्रों में 8400 एक्टिव केस

    जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल अहेर ने कहा कि आज पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 8400 एक्टिव केस हैं जिनका इलाज चल रहा हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वर्तमान में मृत्यु दर कम होने पर भी मरीजों की संख्या नहीं घटी है। डॉ. अहेर ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि गांव के स्थानीय जनप्रतिनिधि कोरोना के प्रसार को रोकने में मदद करेंगे। क्वारंटाइन मरीजों के लिए गांवों में स्कूल, लॉन्स और हॉल के कमरों को क्वारंटाइन केंद्र बनाया जाना चाहिए।