विपक्ष का बनाया हलवा आंध्र नगर निगम चुनाव में जगन का जलवा

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, (Nishanebaaz) सफला वह होती है जो सिर चढ़कर बोलती है. अंग्रेजी में कहावत है- नथिंग सक्सीड्स लाइक सक्सेस! आंध्रप्रदेश के नगर निगम चुनाव (Urban Local Body Elections) में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) की  वाय एसआरसीपी ने जबरदस्त जीत दर्ज की. 75 में से 74 सीटें जीत कर क्लीन स्वीप या सूपड़ा साफ कर दिया.’’ हमने कहा, ‘‘जब नाम जगनमोहन है तो वे सारे जगत को मोह सकते हैं, निगम चुनाव की क्या बात है! स्व. राजशेखर रेड्डी की आत्मा स्वर्ग में फूली नहीं समा रही होगी कि उनके बेटे जगनमोहन ने चुनाव में ऐसा जलवा दिखा दिया.’’

    पड़ोसी ने कहा, निशानेबाज चुनाव में ऐसा जलवा दिखा दिया.’’ पड़ोसी ने कहा, निशानेबाज चुनाव में इतनी बड़ी सफलता मिलना मामूली बात नहीं है. यह मत समझना कि संयोगवश ऐसा हो गया या अंधे के हाथ बटेर लग गई. कोरोना महामारी के बावजूद मुख्यमंत्री ने जलकल्याणकारी योजनाओं को लागू करवाया था जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ी. उसका प्रभाव कुछ ऐसा पड़ा कि जनत कहने लगी- तेरा जलवा जिसने देखा वो तेरा हो गया, मैं हो गई किसी की कोई मेरा हो गया.’’ हमने कहा, ‘‘एक समय था जब आंध्रप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाय.एस. राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद उनकी पत्नी व पुत्र जगनमोहन की कांग्रेस हाईकमान ने अवहेलना की. इसके बाद अपना व्यापक जनाधार सिद्ध करने के लिए मां-बेटे ने राज्य भर में कोडारिपू (जनसंपर्क) यात्रा निकाली थी.

    कांग्रेस छोड़कर उन्होंने वायआरएस कांग्रेस बनाई और सफलता हसिल करते चले गए. अभी उनकी पार्टी सभी 12 नगर निगमों में बिजली हो सकती है. इसके पहले हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों मं वायएसआरसीपी ने 80 प्रतिशत से ज्यादा सीटें आपने नाम की थीं और चंद्राबाबू नायडू की टीडीपी को दूसरे स्थान पर ला दिया था. इतना ही नहीं जगनमोहन की पार्टी ने चंद्राबाबू के मजबूत क्षेत्र कुप्पम सीट में भी अपनी मौजूदगी दर्ज की थी. ऐसा मान लीजिए कि वक्त जगनमोन का साथ दे रहा है.’’