Nitish Kumar and Tejashwi Yadav

    पटना. बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashvi Yadav) ने गुरुवार को शराबबंदी (Liquor Ban) को लेकर फिर एक बार नीतीश सरकार (Nitish Government) पर निशाना साधा है। उन्होंने नीतीश के कैबिनेट के मंत्री रामसूरत राय (Ramsurat Rai) पर कई संगीन आरोप लगाए है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की है। इतना ही नहीं तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का असली शराब माफिया बताया है।

    दरअसल, मंगलवार को बिहार के मंत्री रामसूरत राय के स्कूल से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। इस स्कूल का नाम ज्ञान विद्या मंदिर है, जो मुजफ्फरपुर में है। रामसूरत खुद इस स्कूल के संस्थापक हैं। जबकि उनके भाई हंसराज राय इस स्कूल के व्यवस्थापक है। शराब के मामले में हंसराज के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। लेकिन सभी सबूत रहने के बाद भी इन दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    तेजस्वी ने कहा, “स्कूल बच्चों को शिक्षित करने के लिए है। उस स्कूल में किस तरह की शिक्षा दी जा रही है? आखिर रामसूरत राय पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।”

    तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “नीतीश देश के सबसे बेबस, कमजोर और थके हुए सीएम हैं। देश में ऐसा कोई सीएम नहीं है, जो नीतीश की तरह कमजोर है। उनकी सरकार बिहार में शराब की तस्करी को रोकने में असमर्थ है। आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस ने माना कि अप्रैल 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से 64 लाख लीटर शराब जब्त की गई है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, “बिहार में पुलिस ने भी माना है कि 9 लाख लीटर शराब जब्त हुई है, ऐसे में जिलों से होकर शराब पहुंच रही है। बिहार में आज सबसे ज्यादा मुनाफे वाला व्यापार शराब का हो गया है।”

    Tejashwi Yadav

    जेडीयू पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि, “नीतीश की सरकार में 64 फीसदी विधायक दागी हैं जिन पर दुष्कर्म, अपहरण जैसे संगीन आरोप हैं।लेकिन विधानसभा में जब भी हम इस मुद्दे को उठाते हैं तो नीतीश कुमार ऐसा आभास देते हैं मानो उन्हें कुछ पता ही न हो।”

    तेजस्वी ने बिहार के पूर्व मंत्री मेवालाल चौधरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, “मेवालाल के मामले में भी नीतीश कुमार अनजान बन गए थे, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते विपक्षी नेताओं और मीडिया द्वारा दबाव डाले जाने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।”