The serious case may be the burning of Manoj Pandey, IG Priya Dubey rims herself for investigation

    ओम प्रकाश मिश्र 

    रांची. रामगढ़ जिले (Ramgarh District) के मनोज पांडेय (Manoj Pandey) रांची रिम्स (Ranchi RIMS) के बर्न वार्ड में जीवन और मौत से झुझ रहे हैं। उन्हें आग लगाकर मारने की कोशिश की गयी या उन्होंने खुद से आग लगा लिया, यह जांच का विषय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो रेंज की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रिया दुबे (Priya Dubey) खुद रिम्स (RIMS) पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रभात कुमार को सख्ती से इस मामले की जांच (Inquiry) का आदेश दिया।

    झारखंड के रामगढ़ जिला निवासी 32 वर्षीय मनोज पांडेय को कल शाम रांची स्थित रिम्स के बर्न वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। मनोज आग से करीब 80 फीसदी जल चुके है। उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। घटना का कारण जमीन विवाद बताया गया है। घटना की जांच करने और स्थिति को समझने रिम्स पहुंची आईजी प्रिया दुबे से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। पीड़ित मनोज पांडेय के भाई से प्रारंभिक पूछताछ की गयी है। मनोज की स्थिति में सुधार होते ही मनोज पांडेय का भी बयान लिया जायेगा। एसपी प्रभात कुमार ने बताया की यह एक गंभीर मामला है इस घटना से जुड़े हुए हर एक पहलु की जांच की जाएगी। घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उन पर सख्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

    जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ रामगढ़ को सौंपी गयी

    फ़िलहाल मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ रामगढ़ को सौंपी गयी है। आईजी प्रिया दुबे ने कहा की इस घटना में किसकी क्या भूमिका है। यह जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि सम्बंधित कोई पदाधिकारी भी दोषी पाया जाएगा तो उस पर सख्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामगढ़ स्थित क्षत्रिय धर्मशाला के पीछे की जमीन पर टाइटल शूट का मामला चल रहा है। यह धर्मशाला लगभग 20 साल पुराना है और यह मनोज के घर के पीछे है। कल शाम इस धर्मशाला के भीतरी हिस्से में दीवार जोड़ने का कार्य किया जा रहा था। इस काम के लिए धर्मशाला के सदस्यगण अंचल कार्यालय (सीओ), अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) और उपायुक्त रामगढ़ को आवेदन दिया था। वहां से धर्मशाला के भीतर काम करने का आदेश भी मिला था। कल जब यहां काम शुरू करने की जानकारी मनोज को मिली तो उसने इसका विरोध किया। पर थोड़ी देर बाद ही मनोज के जलने की जानकारी उसके परिजनों को मिली। आनन-फानन में मनोज को गंभीर अवस्था में रिम्स के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। 

    2 लोगों को लिया गया हिरासत में

    एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि आग लगी या लगायी गई इन सभी बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। इस मामले में संदेह के आधार पर अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस घटना से जुड़े हर मामले की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्सा नहीं जाएगा। इन पर सख्त क़ानूनी करवाई की जाएगी। 

    आये दिन हो रहे जमीन पर जबरन दखलंदाजी करने के मामले 

    मनोज के भाई ने बताया की यह विवाद पहले से ही चलता आ रहा इन है। इन दिनों किसी के भी घर, जमीन पर जबरन दखलंदाजी करने के मामले आये दिन हो रहे हैं। जो लोग इस तरह के मामलों में उलझे है, उन्हें प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिलती। संबंधित पदाधिकारियों के पास दौड़ धुप कर उनके कार्यालय का चक्कर लगा लगाकर थक जाना पड़ता है पर न्याय नहीं मिलता। ऊपर से इस तरह की घटना को अंजाम भी दिए जा रहे हैं। ऐसे में शांति से जीवन गुजारना भी दूभर हो गया है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से जमीन माफिया झारखंड में अपना दबदबा कायम कर लिए है इससे इस तरह की घटनाओं को आये दिन अंजाम मिलता रहता है। यदि इस तरह के कार्यों पर प्रशासनिक अधिकारी सचेत नहीं हुए और इस पर लगाम नहीं लगाया गया तो आने वाला समय गरीब, मजलूमों और कमजोर तबके लोगों के लिए बहुत कष्टकर हो जाएगा।