राज्य सरकार की मंजूरी के बिना PUC की दरों में वृद्धि

पुणे. राज्य में गाड़ियों की प्रदूषण नियंत्रण जांच यानी पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) हेतु लिए जाने वाले शुल्क में एक अक्टूबर से दर वृद्धि की जाएगी. ऑल पीयूसी सेंटर ओनर्स एसोसिएशन द्वारा यह निर्णय लिया गया है. दरों में दोगुनी से अधिक वृद्धि की जाएगी. इस दरवृद्धि को राज्य सरकार या परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा मंजूरी नहीं है. फिर भी एसोसिएशन द्वारा यह फैसला लिया गया है.

सेंटरचालकों का खर्च बढ़ गया

 फिलहाल वर्ष 2011 में तय किए दर लागू है. राज्य सरकार द्वारा पिछले दस वर्षों में पीयूसी के दरों में वृद्धि नहीं की है. परिवहन की ऑनलाइन सिस्टम से सेंटरचालकों का खर्च बढ़ गया है. जिससे नफा कम हुआ है. कई बार घाटा भी सहना पड़ रहा है. जिससे पीयूसी केंद्र चलाना भी मुश्किल होने का दावा एसोसिएशन की ओर से किया गया है. इसलिए दरों में दो से तीन गुना वृद्धि करने का निर्णय लेने का उन्होंने स्पष्ट किया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप भंडारे ने कहा कि इससे पहले कम से कम 6 महीने का पीयूसी दिया जाता था. फिलहाल ज्यादातर गाड़ियां बीएस-4 है, उन्हें एक वर्ष का पीयूसी देना अनिवार्य है. इसलिए एक बार पीयूसी लेने के बाद एक वर्ष के बाद ही नया पीयूसी निकाला जाएगा. इससे सेंटर चालकों का नुकसान हुआ है. कई सेंटर चालकों ने कर्ज निकालकर पीयूसी मशीन खरीदी है. उन्हें आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है.

हड़ताल की चेतावनी

मोटर वाहन कानून के अनुसार पीयूसी का दर तय करने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है. इसलिए एक अक्टूबर से लागू होने वाले दर वृद्धि पर सरकार द्वारा कार्रवाई करने पर हम राज्य के सभी पीयूसी केंद्र बंद रखेंगे, यह चेतावनी एसोसिएशन की ओर से दी गई है.