The huge success of Hinjewadi police in the clutches of an inter-state gang stealing goods transport

    पिंपरी. वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों के क्रम में पिंपरी चिंचवड (Pimpri Chinchwad) की हिंजवड़ी पुलिस (Hinjewadi Police) ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस टीम (Police Team) ने माल ढुलाईवाले वाहनों (Goods Carrying Vehicles) की चोरी करनेवाली एक अंतरराज्यीय गैंग (Inter-State Gang) पर शिकंजा कसा है। इस गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 80 लाख रुपए के आठ वाहन बरामद किए गए हैं। हिंजवड़ी पुलिस की इस बड़ी सफलता के लिए पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police) कृष्ण प्रकाश (Krishna Prakash) ने पुलिस टीम के लिए 75 हजार रुपए के इनाम की घोषणा शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दी। 

    गिरफ्तार आरोपियों में गणेश अर्जुन पुरी, प्रकाश नारायण गिरी, कुशल अभिमन्यू जाधव, जितेंद्र कृष्णकुमार यादव, मुजुम महम्मद शेख, जमशेद उर्फ फिरोज युनुस खान पठाण  का समावेश है। इनमें से कुशल उर्फ पिंटया पौड़ पुलिस में हत्या के प्रयास औऱ नासिक में लूटपाट के मामलों में तीन साल से फरार था। उसके खिलाफ कुल 4, गणेश पूरी के के खिलाफ 10 और प्रकाश गिरी के खिलाफ 6 मामले दर्ज हैं।

    डिटेक्शन ब्रान्च (डीबी) की  टीम  हाईवे  ट्रक चोरी के मामले की जांच में जुटी थी

    पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने बताया कि, हिंजवडी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण सावंत के मार्गदर्शन में डिटेक्शन ब्रान्च (डीबी) की टीम हाईवे  ट्रक चोरी के मामले की जांच में जुटी थी। सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद देहुरोड, पौड पुलिस थानों की सीमा में ऐसी ही चोरी की वारदात के बारे में पता चला। सभी चोरियां एक जैसी स्टाइल में दिखाई दी। एक इनोवा गाड़ी संदेह के घेरे में आई औेर उसकी खोजबीन शुरु की गई। गाड़ी मालिक का नाम पता खोजकर अभी उसकी गाड़ी का इस्तेमाल करनेवाले की जानकारी जुटाई गई। इस दौरान पुलिस कर्मचारी ओमप्रकाश कांबले को मुखबिर से पता चला कि वह इनोवा इस्तेमाल कर रहे लोग वारजे, हिंजवडी में वाहन चोरी के लिए आनेवाले हैं। इसके अनुसार पुणे बेंगलुरु हाईवे पर पुलिस ने जाल बिछाया। संदेहास्पद इनोवा के नजर आते ही उसे रोकने को कहा गया लेकिन उसमें सवार तीन लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे। हालांकि पुलिस ने पीछा कर उन्हें वाकड- हिंजवडी ब्रिज के पास दबोचा। गाड़ी की तलाशी में वाहनचोरी के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले संसाधन मिले। हिरासत में लेकर कडी पूछताछ करने पर उन्होंने वाहन चोरी की वारदात स्वीकार की।

    जीपीएस सिस्टम निकालकर दूसरी गाडी में डालकर पुलिस को गुमराह करते थे

    पुलिस आयुक्त ने बताया कि, उन तीनों के बाद उनके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। ये गैंग बड़ी शातिर तरीके से माल ढुलाई वाले वाहनों की चोरी करती थी। वाहनों की चोरी के बाद उसमें लगा जीपीएस सिस्टम निकालकर दूसरी गाडी में डालकर पुलिस को गुमराह करते थे। इन आरोपियों से 7 चार पहिया और एक दोपहिया कुल 80 लाख कीमत के 8 वाहन जब्त किए गए। इसमें हाईवे  ट्रक, छोटा हाथी, टेम्पो, मोटरसाइकिल शामिल है। इस गैंग के पकड़े जाने से हिंजवडी, निगडी, देहुरोड, वारजे, हड़पसर, चतुश्रृंगी, गांधीचौक लातूर ,मुंब्रा, पौड पुलिस थानों में दर्ज 11 मामले उजागर हुए हैं। उनसे और मामले उजागर होने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को हिंजवड़ी थाने के वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक बालकृष्ण सावंत, पुलिस निरिक्षक(अपराध) अजय जोगदंड, सहायक निरिक्षक सागर काटे, पुलिस उपनिरिक्षक समाधान कदम, महेंद्र गाढवे, सहायक निरिक्षक महेश वायबसे, कर्मचारी बंडु मारणे, बालकृष्ण शिंदे, कुणाल शिंदे, अतिक शेख, रितेश कोली, शिवराम भोपे, चंद्रकांत गडदे, इम्रान सैय्यद, श्रीकांत चव्हाण, कारभारू पालवे, ओमप्रकाश कांबले, अमर राणे, दत्ता शिंदेे, झनकसिंह गुमलाडु, नुतन कोंडे, सुभाष गुरव की टीम ने अंजाम दिया।