Why Anna Hazare silent on the functioning of Modi government, Hemant Patil question

    पुणे. काँग्रेस शासन (Congress Rule) के समय भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ आवाज उठानेवाले जेष्ठ समाजकर्मी (Eldest Social Worker) अण्णा हजारे (Anna Hazare) भारतीय जनता पक्ष के मोदी शासन के इस समय में बहुत सारे भ्रष्टाचार हुए है लेकिन अण्णा हजारे चुप क्यों है ? ऐसा सवाल इंडिया अगेन्स्ट करपशन (India Against Corruption) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत पाटील (Hemant Patil) ने किया। किसानों का आंदोलन लगभग आठ महिनों से दिल्ली में शुरू है, पर उसके बारे में अण्णा हज़ारे एक लब्ज भी नहीं बोल रहे है ऐसा उन्होंने बताया।

    हेमंत पाटील ने पत्रकार परिषद में कई सारे विषयों पर मत प्रर्दशन किया। उन्होंने कहा,”दिल्ली में किसानों का आठ महिनों से आंदोलन शुरू है। अण्णा हजारे ने किसानों की मांगे पुरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा ऐसा कहा था, पर भाजपा के देवेंद्र फडणवीस और उनके सहकारी रालेगणसिद्धी में उनको मिलने के लिए गए और आण्णा हजारे ने अपना इरादा बदल दिया। अब उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ काम नहीं करना है, ऐसा लगता है। भाजपा के शासन में होनेवाले भ्रष्टाचार के खिलाफ हम मैदान में उतरेंगे मराठा, ओबीसी, धनगर आरक्षण के प्रश्नों के लिए हमारी जंग शुरू रहेगी।”

    “मोदी सरकार बँक और अनेक शासकीय विभागों का निजीकरण कर रहे है। अंबानी-अदाणी इन्होंने देश बेचने का प्रयास मोदी सरकार कर रहे है। बहुत सारे भ्रष्टाचार के मामले आगे आ रहे है। देश में कोरोना के साथ महंगाई का संकट आया है। पेट्रोल, डीजल के भाव बढ़ रहे है। फिर भी आण्णा हजारे नेे मौन धारण किया है। भ्रष्टाचार खत्म करना है तो, 100 रुपयों के ऊपर का चलन बंद करना चाहीए। साथ ही नकद लेनदेन बंद कर देना चाहिए। आधार लिंक के बिना व्यवहार नहीं होने चाहीए। इन तीन चीजों का ध्यान रखा तो भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए फायदा होगा,”ऐसा हेमंत पाटील ने बताया।