आर पी सिंह: जो 2007 के टी20 वर्ल्ड कप के रहे रीयल हीरो, किसी को याद नहीं वो चमत्कारी ओवर

    नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर रुद्र प्रताप सिंह (Rudra Pratap Singh Birthday) का आज यानी 6 दिसंबर को जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन साल 1985 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली जिले में हुआ था। रुद्र प्रताप सिंह (RP Singh Birthday) ने 2004 के अंडर-19 विश्वकप में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) में अपनी जगह बनाई थी। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 8 विकेट अपने नाम किए थे। 

    रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन 

    साल 2004 में ही आर पी सिंह ने रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए 34 विकेट झटके थे। अपने इसी प्रदर्शन की वजह से उन्होंने साल 2005 में भारत के जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल हुए थे। वहीं जनवरी 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। अपने डेब्यू टेस्ट में उन्होंने 5 विकेट झटके थे। इस मैच में उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाज़ा गया था।

    कुछ इस तरह ऐसा रहा करियर 

    आरपी सिंह ने अपने करियर में अब तक 14 टेस्ट खेल चुके थे, जहां उन्होंने 40 विकेट अपने नाम किए थे। वहीं उन्होंने 58 वनडे मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 69 विकेट झटके थे। जबकि उन्होंने 10 टी-20 मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम 10 विकेट दर्ज हैं। आरपी सिंह ने 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुए टी-20 विश्वकप के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। 

    विश्व कप के हीरो  

    2007 के विश्व कप में आर पी सिंह ने 7 मैचों में कुल 12 विकेट अपने नाम दर्ज किए थे। इसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में उन्होंने 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को इस मुकाबले से बाहर कर दिया था। भारत ने यह विश्व कप अपने नाम कर लिया था। आर पी सिंह की योगदान आज भी देश याद करता है। जिस तरह उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपना प्रदर्शन दिया वह काबिल-ए-तारीफ था। 

    वर्ल्ड कप का वो चमत्कारी ओवर 

    आर पी सिंह ने 2007 के विश्व कप के फाइनल में अपने नाम 3 विकेट किए थे। 26 रन के स्कोर पर पाक के दो विकेट गिर चुके थे, जो आर पी सिंह ने ही लिए थे। आरपी ने ओपनर बल्लेबाज मोहम्मद हफीज को 1 रन और फिर कामरान अकमल को जीरो रन पर वापस पवेलियन भेज दिया था। यहीं से पाकिस्तान के लिए जीत कि राह मुश्किल हो गई थी। लक्ष्य का पीछा करना उनके लिए नाकाम रहा। यह मैच भारत ने 5 रन से जीत लिया था। आरपी सिंह ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। उस समय महेंद्र सिंह धोनी ने वर्ल्ड कप जीतने में अहम् योगदान आर पी सिंह का ही माना था।  

    आईपीएल में भी दिखाया जलवा 

    आर पी सिंह ने आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स की ओर से कई शानदार मुकाबले खेले। साल 2009 में वह अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने थे। उस साल उन्होंने कुल 23 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था। उस साल डेक्कन चार्जर्स ने पहली बार आईपीएल का ख़िताब अपने नाम किया था। साल 2011 में उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला था।