Complaint against Grain Distribution Officer of Manpa councilors, memorandum submitted to District Magistrate

    अकोला. कोविड की संभावित तीसरी लहर को विफल करने के लिए दिवाली के भीतर अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन का डोज लेने की आवश्यकता है. इसके लिए हर संभव प्रयास कर वैक्सीनेशन में तेजी लाई जा रही है. वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते राशन केंद्रों से वैक्सीन लेनेवाले लाभार्थियों को ही खाद्यान्न वितरित किया जाए, यह निर्देश जिलाधिकारी नीमा अरोरा ने जिला आपूर्ति अधिकारी को दिए हैं. 

    जिलाधिकारी ने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा 

    जिले में कोविड वैक्सीनेशन की वर्तमान स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा की गई. इस बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ कटियार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा.सुरेश आसोले, निवासी उप जिलाधिकारी संजय खड़से, माता व बाल विकास अधिकारी डा.मनीष शर्मा, महिला व बाल विकास अधिकारी विलास मरसाले, मनपा की चिकित्सा अधिकारी अस्मिता पाठक इसी तरह नगर पालिकाओं के मुख्याधिकारी, तहसीलदार, प्राथमिक स्वास्थ्य अधिकारी आदि उपस्थित थे. 

    जिलाधिकारी ने दिए कई निर्देश

    समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी नीमा अरोरा ने निर्देश दिए कि, वैक्सीनेशन में गति लाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और शिक्षकों के माध्यम से वैक्सीनेशन मुहिम में तेजी लाई जाएं. इसके लिए शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि स्कूल आने वाले बच्चों के माता-पिता का वैक्सीनेशन हो, केवल 18 वर्ष से कम आयु के टीकाकरण वाले कॉलेज के छात्रों को ही कालेज में प्रवेश दिया जाना चाहिए. गांव के सरपंच को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करें.

    टीकाकरण केंद्रों की स्थापना उन क्षेत्रों में की जानी चाहिए जहां आबादी अधिक है और टीकाकरण नहीं किया गया है. जिले के सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं उनके पात्र परिवार के सदस्यों का टीकाकरण सुनिश्चित करें. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दुकानों और उद्योगों में वैक्सीनेशन के संबंध में जानकारी लें. इसी तरह नोडल अधिकारियों ने तहसील स्तर पर भेंट देकर वैक्सीनेशन का जायजा लेने के निर्देश जिलाधिकारी नीमा अरोरा ने दिए हैं. 

    वैक्सीनेशन का प्रश बढ़ाना बेहद जरूरी -संजय खड़से

    इस अवसर पर निवासी उप जिलाधिकारी संजय खड़से ने कहा कि तीसरी लहर की रोकथाम की दृष्टि से जिले में वैक्सीनेशन का प्रतिशत बढ़ाना बेहद जरूरी है. जिले में वैक्सीनेशन के लिए वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध हो रहा है. उप विभागीय अधिकारी और तहसीलदारों को तहसील स्तर पर वैक्सीनेशन योजना की समीक्षा करनी चाहिए.