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    अकोला. शहर के नागरिकों द्वारा संपत्ति कर के बकाया पर 2 प्रश प्रति माह की दर से ब्याज में छूट देनेवाली अभय योजना मनपा द्वारा बार-बार लागू किए जाने से संपत्ति कर के रूप में मनपा की तीजोरी में 40 करोड़ 60 लाख रु. जमा होने की जानकारी सूत्रों से मिली है. इस बीच, यदि योजना 31 मार्च तक लागू हो जाती है, तो संपत्ति कर के बकाया में से करोड़ों रुपये की वसूली की जा सकती है, हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस योजना को फिर से आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है.

    चालू वित्त वर्ष में मनपा को 127 करोड़ 99 लाख 6 हजार 922 रुपये संपत्ति कर की बकाया वसूली की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था. इस बकाया कर पर नियमानुसार मनपा संपत्ति कर की बकाया राशि पर 2 प्रश प्रति माह की दर से ब्याज वसूल सकता है. जिससे एक साल के टैक्स एरियर के लिए 24 फीसदी और दो साल के एरियर के लिए 48 फीसदी की दर से ब्याज लगता है.

    आम नागरिकों पर इस ब्याज का बोझ न पड़े तथा संपत्ति कर का बकाया भी वसूल किया जा सके इसके लिए मनपा ने अभय योजना को लागू कर दिया था. सत्ताधारी दल ने नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए बार-बार इस योजना को आगे बढ़ाया है. यह योजना 31 दिसंबर 2021 तक लागू की गई थी.

    इस दौरान 40 करोड़ 60 लाख 94 हजार 75 रुपये संपत्ति कर का बकाया वसूला गया, लेकिन अब भी 87 करोड़ 38 लाख 12 हजार 874 रुपये का बकाया वसूल करना बाकी है. जिससे अभय योजना मार्च 2022 तक बढ़ायी जाएगी या नहीं? इसको लेकर उत्सुकता बनी हुई है.

    अभय योजना के कारण ही हुआ कर संग्रह

    मनपा के पार्षदों और अधिकारियों के अनुसार अभय योजना के बार-बार लागू होने से ही 40.60 करोड़ रुपये का संपत्ति कर वसूला जा सका है. इसलिए यदि अभय योजना को और तीन महीने के लिए विस्तार मिलता है, तो करोड़ों रुपये का बकाया वसूल किया जा सकता है. यदि टैक्स की बकाया राशि की वसूली इसी तरह से होती रहती तो कर्मचारियों का वेतन समय पर देना संभव होगा.

    136 करोड़ रु. का टैक्स वसूली की चुनौती

    मार्च के अंत तक अगले तीन महीनों में मनपा को 87.38 करोड़ रुपये का बकाया संपत्ति कर तथा वर्तमान वर्ष का 49.52 करोड़ रुपये का संपत्ति कर इस तरह कुल 136.92 करोड़ रू. का संपत्ति कर वसूलने की चुनौती है. सूत्रों ने बताया कि इसके लिए दस्ते बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.