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    अमरावती.  उच्च शिक्षा के साथ-साथ शोध की सुविधा रखने वाली शासकीय विदर्भ ज्ञान विज्ञान संस्था (विएमवि) अपने शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ रही है. इस पर्व पर यहां अनुसंधान एवं अध्ययन सुविधाओं के विकास के लिए सरकार द्वारा आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है. इन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए परिपूर्ण नियोजन के निर्देश जिलाधीश पवनीत कौर ने दिए. उन्होंने बुधवार को विमवि संस्था को भेट देकर प्रस्तावित कार्य का जायजा लिया. 

    स्वायत्त संस्था का दर्जा 

    जिलाधीश कौर ने संस्थान परिसर में विभिन्न स्थानों जैसे संगीतसूर्य केशवराव भोसले नाट्यगृह, रेस्तरां, मैदान, छात्रावास, प्रयोगशाला, योग भवन आदि का दौरा किया और नियोजित विकास कार्यों की जानकारी ली. इस समय एसडीओ उदय सिंह राजपुत, तहसीलदार संतोष काकड़े, सोसाइटी संचालक डॉ. अंजलि देशमुख, डॉ. शिवानंद कुमार, डॉ. श्रीकृष्ण यावले, विशाखा सावजी, जयंत चौधरी, संतोष पवार आदि उपस्थित थे. विएमवि संस्थान को स्वायत्ता मिली है और परीक्षाओं के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी.

    जिसके तहत परीक्षा विभाग के लिए अलग से भवन बनाने की योजना है. ब्रिटिश काल के रंगमंच, शयनगृह, पुराने भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण, प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए योजना के अनुसार संस्था को धन उपलब्ध कराया जाएगा. हर काम गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, कोई भी कार्य अधूरा न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आवश्यक उपकरणों के साथ एक पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश जिलाधीश द्वारा दिए गए है.

    संस्थान का शतकपूर्ति वर्ष

    विएमवि संस्था ने वर्ष 2022-23 में 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इसके चलते जुलाई से विभिन्न कार्यक्रम लागू किए जाएंगे. संस्थान में विकास कार्यों के लिए चालू वर्ष के लिए 4 करोड़ रुपये और 2022-23 के लिए 6 करोड़ रुपये की राशि से विभिन्न कार्यों की योजना बनाई गई है.

    संस्थान के लगभग 75 प्रश छात्रों का टीकाकरण किया जा चुका है. कलेक्टर ने इसे शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए. विएमवि के परिसर स्थित एक भवन में कोविड केयर सेंटर के संयोजन से तैयारियां की गई हैं. कलेक्टर ने इसका निरीक्षण भी किया.