औरंगाबाद में 20 मई तक कुल 10 एमएलडी सरप्लस पानी की आपूर्ति की जा सकेगी!

    औरंगाबाद : शहर में कड़े ग्रीष्मकालीन मौसम (Summer Season) में निर्माण होने वाली जल समस्या (Water Problem) को ध्यान में रखकर महानगरपालिका प्रशासन (Municipal Administration) द्वारा लिए गए निर्णयों पर अमली जामा पहनाया जा रहा है, या नहीं इसके लेकर महानगरपालिका कमिश्नर और प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय (Astikkumar Pandey) ने सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में यह बात सामने आए कि महानगरपालिका प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे, कड़े कदमों से शहर में 10 से 12 एमएलडी पानी (MLD Water) का स्त्रोत बढ़ सकता है। उसके लिए क्या कदम उठाने चाहिए, इसकी विस्तृत जानकारी मिली। पानी की आपूर्ति और मांग के बीच बढ़ती खाई के कारण उत्पन्न असंतुलन को दूर करने के लिए महानगरपालिका प्रशासन कड़ी मेहनत कर रहा है। महानगरपालिका प्रशासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए शहर में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के उपाय किए हैं।

    10 एमएलडी सरप्लस पानी आपूर्ति का नियोजन 

    उद्योग मंत्री और पालकमंत्री सुभाष देसाई के मार्गदर्शन में हर्सुल से आने वाले पानी में महत्वपूर्ण यांत्रिक सुधार करके 5 एमएलडी पानी का उठाव बढ़ाया गया है। इसके अलावा मौजूदा जलापूर्ति योजना में सुधार कर 20 मई तक जयकवाड़ी से आने वाले पानी में 6 एमएलडी उठाव किया जा सकता है। माननीय पालकमंत्री के मार्गदर्शन में सिडको एन-7 और एन-5 टंकियों पर टैंकर पॉईटं बंद काम और एन-1 में स्थित एमआईडीसी के जल स्त्रोत से टैंकर पॉईट शुरु किए जाने से 2 एमएलडी पानी बचाया जा रहा है। जिससे एन-1, एन-3, एन-4, एन-5, एन-6, एन-7 और एन-8 क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सकेगी।

    अभिभावक अधिकारियों का वाटर वॉक

    शहर में 9 अभिभावक अधिकारियों के नेतृत्व में हर एक जोन में एक दल नियुक्त किया गया है। अभिभावक अधिकारियों ने हर जोन का मैपिंग कर वहां का वॉल ऑपरेशन्स, पेयजल आपूर्ति की समय सारणी, पानी आपूर्ति की समयावधि, अनाधिकृत नल कनेक्शन, पानी बहाना, वितरण के समस्याओं पर लक्ष्य केन्द्रीत कर पेयजल आपूर्ति सूचारु होने की खातरजमा करें। संबंधित जोन के अभिभावक अधिकारी ने अपने – अपने जोन में सुबह के सत्र में पेयजल आपूर्ति वितरण को लेकर वॉटर वॉक करना शुरु किया है। 

    फ्लो मीटर लीक का पता लगाएगा और मिलेगी लाइव जानकारी

    जायकवाडी, फारोला जलशुद्धीकरण केंद्र, नक्षत्रवाडी के सतुलन टंकी में आने वाले और जाने वाला पानी शहर में कितना आता है, इसकी गिनती कर लिकेजेस कहां है, इसका पता लगाया जाएगा। 

    प्रतिबंधित क्षेत्र में आएंगी पानी की टंकियां

    शहर के सभी तालाबों और पंप हाउसों के साथ-साथ नक्षत्रवाड़ी में शेष पानी के तालाबों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जलकुंभ और पंप हाउस में 24 घंटे नागरिक मित्र दस्ते/पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा। शिवाजीनगर, सुतागिरानी चौक और गजानन मंदिर में एक्सप्रेसवे पर वाल्व संचालन की निगरानी के लिए पूर्व सैनिकों को भी तैनात किया जाएगा।

    भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास

    अकोला पैटर्न के अनुसार औरंगाबाद शहर क्षेत्र में भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी की मदद से परियोजना तैयार करने की जिम्मेदारी शहर अभियंता सखाराम पानझडे को दी गई है।  

    बैठक में शहर अभियंता सखाराम पानझडे, उपायुक्त  संतोष तेंगले, उपायुक्त अपर्णा थेटे, पेयजल आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत कोल्हे, एमजीपी के कार्यकारी अभियंता अजय सिंह, एसए खान, एमजीपे के सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता डीके पंडित, महानगरपालिका के यांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता केपी धांडे, उप अभियंता अशोक पदमे, स्मार्ट सिटी के सिध्दार्थ  बनसोड, फैज अली और अन्य उपस्थित थे।