अवैध केबल हटाने का अभियान युद्धस्तर पर जारी, 10 हजार 170 मीटर केबल निकले

    औरंगाबाद : मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) के औरंगाबाद खंडपीठ (Aurangabad Bench) ने एक जनहित याचिका में शहर के प्रमुख चौराहों और गली कुचों में फैले अवैध केबल वायर (Illegal Cable Wire) निकालने के आदेश हाल ही में दिए थे। न्यायालय के आदेश के बाद महानगरपालिका प्रशासन (Municipal Administration) ने बीते कुछ दिनों से युद्धस्तर पर अवैध केबल हटाने की कार्रवाई शुरु की। सोमवार को महानगरपालिका प्रशासन द्वारा शहर के तीन जोन में की गई कार्रवाई में 10 हजार 170 मीटर हटाकर उक्त वायर को जब्त किया गया। 

    महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त रविन्द्र निकम ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद महानगरपालिका प्रशासक और कमिश्नर डॉ. अभिजीत चौधरी ने केबल वायर निकालने के लिए एक बैठक लेकर विशेष निर्देश दिए थे। कमिश्नर ने इस कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी के रुप में अतिरिक्त आयुक्त रविन्द्र निकम की निर्युिक्त की थी। गत कुछ दिनों से जारी केबल निकालने की मुहिम में सोमवार को शहर के जोन क्र. 1,4 और 7 में कार्रवाई करते हुए बिजली खंभों पर फैले 10 हजार 170 मीटर केबल हटाए गए। इसमें जोन 1 के अंतर्गत विविध रास्तों पर फैले हुए 2310 मीटर, जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत विविध रास्तों पर फैले 2 हजार 110 मीटर और जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत विविध रास्तों पर फैले 5750 इस तरह कुल 10 हजार 170 मीटर अनाधिकृत केबल वायर हटाकर जब्त किए गए। 

    महानगरपालिका प्रशासन ने युद्धस्तर पर कार्रवाई कर केबल हटाने का अभियान जारी रखा

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. रविन्द्र निकम  ने बताया कि यह मुहिम आगामी 30 जनवरी तक चलेंगी। बता दें कि शहर के प्रमुख मार्ग, चौराह और गली-कुचों में स्ट्रीट लाइट के खंभों पर विविध कंपनियों द्वारा अवैध रुप से केबल डाले गए। इन केबल से दुर्घटनाएं होने का सिलसिला जारी है। इसको लेकर एक जनहित याचिका औरंगाबाद खंडपीठ में दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने महानगरपालिका प्रशासन को तत्काल शहर के खंभों पर फैले केबल वायर हटाने के आदेश दिए थे। इस आदेश पर गत तीन सप्ताह से महानगरपालिका प्रशासन युद्धस्तर पर कार्रवाई कर केबल हटाने की मुहिम जारी रखा हुआ है। 

    कंपनियों में हड़कंप मच गया

    इस मुहिम के चलते कई प्रमुख मार्ग और चौराह अनाधिकृत केबल्स से मुक्त हुए है। गत कई सालों से स्ट्रीट लाइट के खंभों पर बड़े पैमाने पर विविध कंपनियों के ऑपरेटरों द्वारा केबल वायर फैलाये गए थे। प्रशासन के इस कार्रवाई के बाद अवैध केबल डालने वाले विविध कंपनियों में खलबली मची हुई है।