सफलता हासिल करने के लिए सपनों का पीछा करना जरुरी: सुभाष देसाई

    औरंगाबाद: सफलता (Success) हासिल करने के लिए सपनों का पीछा करना जरुरी है। देखे हुए सपने, सुझी हुई संकल्पना पर प्रत्यक्ष रुप से अमलीजामा पहनाने के लिए और नए उद्योजकों को अपने व्यवसाय स्थापित करने के प्रक्रिया में मार्गदर्शन (Guidance) काफी महत्वपूर्ण है। नए उद्योजक, नई कल्पना सामने लेकर आते हैं। कई बार वह कल्पनाएं पूरी नहीं होती है क्योंकि उन्हें इस संकल्पना को प्रत्यक्ष रुप से अमलीजामा पहनाने का मार्ग पता नहीं रहता है। ऐसे में उनके लिए मार्गदर्शक ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन दिनों मार्गदर्शन करने का सबसे बेहतर काम मराठवाडा एक्सीलरेटर फॉर ग्रोथ एंड इन्क्यूबेशन कौन्सिल मैजिक द्वारा जारी है। यह प्रतिपादन राज्य के उद्योगमंत्री और जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई (Guardian Minister Subhash Desai) ने यहां किया।

    मैजिक के नुतनीकरण किए गए कार्यालय का उद्घाटन सुभाष देसाई के हाथों किया गया। उसके बाद अपने विचार में सुभाष देसाई ने  यह बात कही। इस अवसर पर विधायक अंबादास दानवे, कलेक्टर सुनील चव्हाण, वरिष्ठ उद्योजक राम भोगले, सीएमआईए के अध्यक्ष शिवप्रसाद जाजू, मिलिंद कंक, सुनील रायथत्ता, नितिन गुप्ता, सतीश लोणीकर, दुष्यंत पाटिल, श्रीकांत अम्लेकर के अलावा बड़ी संख्या में उद्योजक उपस्थित थे। 

    मैजिक ने एक बेहतर उपक्रम शुरु किया

    सुभाष देसाई ने कहा कि स्टार्टअप के माध्यम से समाज के कई सालों से न हल हुए प्रश्न हल हो रहे हैं। आज विश्व के नामचीन और प्रभाव डालनेवाले फेसबुक, वाट्सएप जैसी संस्था एक समय छोटे स्टार्टअप थे। उनके उत्पादन की संकल्पना अन्य ने स्वीकारी। उन्हें अनुभवी लोगों ने साथ दिया। आज वे विश्व के वित्त नीति  पर राज कर रहे है। उन्हें शुरुआत के समय में किसी ने आकर मदद की। इसी तरह की मदद यहां के स्टार्टअप को मैजिक के माध्यम से की जा रही है। इसको लेकर देसाई ने मैजिक का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मैजिक ने एक बेहतर उपक्रम शुरु किया है। इस अवसर पर देसाई ने मैजिक के स्टार्टअप के साथ संवाद साधा। 

    एक हजार से अधिक नव उद्योजकों का मार्गदर्शन

    कार्यक्रम के आरंभ में मैजिक के संचालक आशीष गर्दे ने कहा कि मैजिक यह भारत का प्रथम औद्योगिक संस्था द्वारा कार्यान्वित इन्क्यूबेशन सेंटर है। मराठवाडा और देश के स्तर पर टियर-2 और 3 शहरों में नवीनता पूर्ण नए उद्योजक निर्माण करने के लिए प्रयास कर रहे है। मैजिक संस्था को एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार और महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसाइटी द्वारा मान्यता प्राप्त बिजनेस इन्क्यूबेशन संस्था है। मैजिक संस्था में व्यवसाय योजना मूल्यमापन, प्रोटोटाईप डिजाइनिंग, को-वर्किंग स्पेस, व्यवसाय सलाहकार, निधि संकलन, पेटंटिंग, कॉपीराइट ट्रैड मार्किंग और जल्द विकास वृद्धि का मार्गदर्शन यह सेवाएं शामिल है। गत तीन साल के सफल प्रयासों से मैजिक राष्ट्रव्यापी नवकल्पना औप स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत कर रही है। गर्दे ने बताया कि अब तक मैजिक संस्था ने 4500 से अधिक छात्रों को मार्गदर्शन किया। वहीं,एक हजार से अधिक नव उद्योजकों का मार्गदर्शन किया।