भूमिगत सीवरेज योजना के प्रथम चरण की प्रशासनिक स्वीकृति,श्रेय को लेकर सांसद एवं विधायक में रस्साकशी

    • दोनों की तारीफ में लटकाए होर्डिंग

    भंडारा. भंडारा शहर में भूमिगत सीवरेज योजना पहले चरण के लिए सरकार ने प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. इस योजना पर 167 करोड़ रुपये की लागत आएगी. भंडारा शहर को सर्वसुविधायुक्त बनाने की दृष्टि में यह बहुत बड़ा कदम है. जल्द ही भूमिगत सीवरेज योजना का वास्तविक कार्य शुरू होगा. उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व सरकार ने भूमिगत सीवरेज परियोजना को तकनीकी मंजूरी दी थी.

    सूत्रों ने बताया कि 167 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था. सरकार ने 167 करोड़ रुपये में से 116 करोड़ रुपये के पहले चरण के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. सरकार की मंजूरी के साथ ही अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीद है कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.

    10 जुलाई 17 को हुआ था प्रस्ताव पारित

    नगराध्यक्ष सुनिल मेंढे ने जानकारी दी कि 10 जुलाई 2017 की नप सर्वसाधारण बैठक में 14वें वित्त आयोग में से 18 करोड़ रु. एवं 15 प्रतिशत हिस्सा मांगने के संबंध में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था.  सुनिल मेंढे ने बताया कि नई जलापूर्ति योजना और भूमिगत सीवरेज योजना दोनों ही महत्वाकांक्षी परियोजनाएं थीं. जलापूर्ति योजना का कार्य शुरू हो चुका है. जल्द ही भंडारा शहर में अंडरग्राउंड सीवरेज योजना पर काम शुरू होगा. यह योजना भंडारा शहर की खूबसूरती में भी चार चांद लगा देगी.

    हमने कराया काम : विधायक नरेंद्र भोंडेकर

    विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने बताया कि शहर की भूमिगत सीवरेज योजना को प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के लिए वे पिछले डेढ़ साल से राज्य सरकार के संपर्क में थे. इस काम के संबंध में मंगलवार शाम में ही नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से पत्र लिया एवं इसे शहरवासियों के साथ में साझा भी किया.

    और कई काम करना है : विधायक नरेंद्र भोंडेकर

    विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने बताया कि भंडारा शहर के विकास की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण कामों को पूरा करना जरूरी है. एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि केवल प्रस्ताव भेजने भर से काम मंजूर नहीं होते. निरंतर प्रयास करने से काम मंजूर होते है.

    भोंडेकर का श्रेय : जैकी रावलानी

    शहर की स्वच्छता एवं सुंदरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण सीवरेज योजना को प्रशासकीय मंजूरी दिलाने में विधायक भोंडेकर का श्रेय का परिणाम है.

    अगल बगल में लटके होर्डिंग

    शहर के विकास के लिए सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आकर प्रयास करने की आवश्यकता है. कोई भी बडा कार्य बगैर सामूहिक प्रयास के बगैर संभव नहीं है. लेकिन शहर की भूमिगत सीवरेज योजना को प्रशासकीय मंजूरी दिलाने में किसने कितना जोर लगाया ? इसको लेकर शहर में दो भिन्न राय है. एक धडा इसका श्रेय नगराध्यक्ष तथा सांसद सुनील मेंढे को देता है. वहीं दूसरा धडा इसका श्रेय विधायक नरेंद्र भोंडेकर के नगर विकास मंत्री के साथ नियमित संपर्क को देता है.

    बुधवार को भंडारा शहर के प्रमुख चौराहों पर भूमिगत सीवरेज योजना को मंजूरी दिलाने के कार्य के लिए श्रेय का दावा करते सांसद एवं विधायक के समर्थकों द्वारा लगाए गए होर्डिंग चर्चा का विषय बने हुए थे. शहर में चर्चा है कि अब जैसे जैसे नगर परिषद चुनाव नजदीक आएंगे, श्रेय को लेकर होड तेज होगी.