Maharashtra: Power supply disrupted in Pune due to technical reasons, trouble to people
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  • लॉकडाउन के बाद अब भारी बिजली बिल ने बढ़ाई परेशानी

भंडारा (का). लॉकडाउन के दौरान में औसत बिजली बिल ग्राहकों को भेजने वाले बिजली वितरण विभाग ने लॉंकडाउन समाप्त होने के बाद इतना ज्यादा बिजली बिल ग्राहकों को भेजा है कि मध्यमवर्गीय तो क्या धनाड्य परिवार के लोग भी इस बिल की धनराशि देखकर चकरा गए हैं. ग्राहकों का माथा बिजली वितरण कंपनी पर ठनका है और उन्होंने बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों पर गुस्सा निकालते हुए यह सवाल पूछा है कि अगर इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर ही खर्च कर देंगे तो परिवार का अन्य खर्च कैसे चलेगा.

हर माह औसतन 500 से 700 रूपए का बिजली बिल भरने वाले ग्राहकों के पास तीन माह का बिजली बिल 3500 रूपए का भेजा गया है. अगर बिजली बिल की बड़ी राशि का भुगतान किया गया तो महिने का अन्य खर्च कैसे भरा जाएगा, ऐसा सवाल यहां की जनता लगातार बढ़ा रही है. बिजली वितरण कंपनी से जब इस मामले में विचार-विमर्श किया गया तो कहा गया कि बिजली बिल नियमानुसार ही भेजा गया है, उसमें कोई त्रुटी नहीं है. बिजली वितरण कंपनी की ओर से ग्राहकों की समस्या को न समझने के कारण ग्राहकों में भयंकर रोष उपजा और लोगों ने वद्यिुत विभाग कार्यालय की तुगलकी नीति का खुला विरोध किया है.

विगत 25 मार्च से कोरोना को लेकर लॉकडाऊन शुरु किया गया था. बिजली वितरण कंपनी ने इस दौरान मीटर की रीडिंग नहीं ली थी और अप्रैल तथा मई माह के औसत बिल भेजे. खास बात यह है कि बिजली वितरण कंपनी ने जिन लोगों पर बिजली बिल ग्राहकों तक भेजने की जम्मिेदारी सौंपी है, वे लोग अपनी जम्मिेदारी अच्छी तरह से नहीं निभा रहे हैं, इसीलिए तो कुछ ग्राहकों को बिल मिले तो कुछ ग्राहकों को अभी तक बिल नहीं मिले हैं. जिन ग्राहकों को बिल मिले हैं, वे उसमें अंकित राशि को देखकर उनका माथा ठनका तो जन्हिें अभी तक बिजली का बिल नहीं मिला है, वे यह सोच-सोच कर परेशान हैं, उनके बिल में भुगतान धनराशि कितनी है. जून माह का जो बिल ग्राहकों के हाथ में आया है, उसमें अंकित राशि अच्छो-अच्छों का होश उड़ाने के लिए काफी है.

हर माह औसतन 50-60 यूनिट बिजली खर्च की गई तो बिल 550- 600 के आसपास आता है, लेकिन उस बिल की जगह अब ग्राहकों को 1500-1800 रूपए देने पड़ेगे, यानि तीन ज्यादा धनराशि ग्राहकों को बिजली बिल के रूप में करनी होगी. बिजली वितरण कंपनी ने सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया है कि बिजली बिल ग्राहकों को किस आधार पर दिया गया है. एप पर ग्राहक क्रमांक टाइप करने पर मॉक रीडिंग के साथ भुगतान घनारशि समेत पूरी जानकारी सामने आ जाती है.