फरसी नाला बोर्डी नदी के पानी का रंग हुआ अचानक काला

    खामगांव. स्थानीय तालाब रोड परिसर से बहनेवाली फरसी नाला के बोर्डी नदी के पानी का रंग अचानक काला होने से परिसर के नागरिकों में डर का वातावरण निर्माण हुआ हैं. तो नदी किनारे जलस्त्रोत को इस जहरिले पानी का खतरा निर्माण हुआ हैं. इस ओर स्थानीय नगर पालिका प्रशासन ने ध्यान देकर नदी में विषयुक्त केमिकल छोड़नेवाले के खिलाफ कार्रवाई हो. ऐसी मांग स्थानीय नागरिकों व्दारा हो रही हैं. 

    विगत कई दिनों से बारिश गायब हुई थी. जिस के चलते फरसी नाला के बोर्डी नदी पात्र सूख गया था. लेकिन विगत दो से तीन दिनों पहले हुई जोरदार बारिश के कारण फरसी नाले को बाढ़ आई थी. लेकिन 11 सितंबर को सुबह अचानक नदी का पानी काला होने से बदल गया हैं. नदी के पानी का काला रंग देखकर नागरिक डर गए हैं. अचानक पानी ने रंग बदलने से नागरिकों में विविध चर्चा शुरू हैं.

    इस समय नागरिकों ने बदले हुए पानी के रंग का पता लगाने पर नदी किनारे के कंपनियों व्दारा पानी में केमिकल छोड़ा जा रहा हैं. ऐसी चर्चा नागरिकों में चल रही हैं. इस विषयुक्त केमिकल के कारण पानी पूरी तरह से अशुध्द होने का नजर आ रहा हैं. इस ओर नगर पालिका प्रशासन ने ध्यान देकर पानी में केमिकल छोड़ने वाले संबंधित कंपनी का पता लगाकर उचित वह कार्रवाई करें. ऐसी मांग हो रही हैं.

    नदी किनारे जलस्त्रोत को खतरा 

    नदी का पानी अचानक काले रंग का होने से नदी किनारे के जलस्त्रोत को खतरा निर्माण हुआ हैं. पहले से ही परिसर में आज तक नगर पालिका की नल योजना आई नहीं है. जिस कारण नागरिकों को कुए, बोर आदि जलस्त्रोत पर निर्भर रहना पड़ता हैं. नदी के काले हुए पानी के कारण इन जलस्त्रोत को भी खतरा निर्माण हुआ है. इस ओर नगर पालिका प्रशासन ने ध्यान देना आवश्यक हैं. 

    पानी के नमूने जांच के लिए भेजे 

    नदी का पानी काला होने के पीछे का कारण स्पष्ट करने के लिए पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे. पानी में केमिकल छोड़नेवाले संबंधितों का पता लगाकर उचित वह कार्रवाई की जाएगी. – मनोहर आकोटकर, मुख्याधिकारी, नप. खामगांव.