Beware of thugs, Mahavitaran appeals to customers
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    • चंद्रपुर अंचल में घरेलू, व्यवसायिक, औद्योगिक, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक जलापूर्ति योजना व स्ट्रीट लाइटों का 477.31 करोड़ बकाया

    चंद्रपुर. महावितरण के चंद्रपुर और गडचिरोली जिले में घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक जलापूर्ति योजना और स्ट्रीट लाइटों का बकाया 477 करोड 31 लाख तक पहुचने से बकायादारों के खिलाफ वसूली और बिजली आपूर्ति खंडीत करने की मुहीम चलायी जा रही है. ग्राहकों ने समय पर बिजली बिल का भूगतान कर महावितरण को सहयोग करने का आह्वान किया जा रहा है. 

    चंद्रपुर अंचल में चालू वर्ष एवं गत वर्ष की कुल मांग में से 24 करोड 89 लाख घरेलू ग्राहकों से, वाणिज्यिक ग्राहकों से 5 करोड 92 लाख रूपए, औद्योगिक ग्राहकों से 6 करोड 51 लाख रूपए, ग्रामिण व शहर जलापूर्ति योजना की ओर से 2 करोड 51 तो ग्रामिण व शहरी स्ट्रीटलाईट की ओर 215 करोड 69 लाख का बकाया शेष है. 

    नोटिस की अवधि समाप्त होने के साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं सहित जलापूर्ति योजना, स्ट्रीट लाइट, बकाया सरकारी कार्यालयों, नगर पालिका, स्थानीय निकाय संस्था व अन्य बकायादारों की बिजली खंडीत की जा रही है. मार्च 22 से अबतक चंद्रपुर मंडल में 6 हजार 582 बकायादारों की बिजली आपूर्ति खंडीत की है. 

    खास बात यह है कि, बिजली का इस्तेमाल दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है.  महावितरण के अस्तित्व के लिए ग्राहकों द्वारा उपयोग की जानेवाली प्रत्येक इकाई की वसूली आवश्यक है वसूल की गई पैसों से बिजली खरेदी कर महावितरण की ग्राहकों के प्रति जिम्मेदारी निभाकर बिजली खरेदी कर बिजली आपूर्ति की जा रही है. बिजली बिल वसूली से मिलने वाली राशि का 85 प्रश बिजली खरीदी पर खर्च किया जाता है.  महावितरण पहले बिजली की आपूर्ति करती है और फिर बिजली बिल का भुगतान करती है.

    इसके विपरीत, कई सेवाओं के लिए पहले पैसा आता है और फिर सेवा.  हालांकि, बिजली कंपनी के इंजीनियरों और कर्मचारियों से मारपीट व अपमानित किया जाता है. ग्राहकों को अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने की उम्मीद होने पर वसूली के लिए अपने दरवाजे पर जाना पड़ता है. उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए महावितरण बिजली उत्पादन कंपनी से बिजली खरीदता है और एकत्रित किए गए राशी से बिजली खरीदता है. बिजली उत्पादन कंपनियां बिजली उत्पादन के लिए कोयला, प्राकृतिक तेल खरीदती हैं और कोयला और तेल कंपनियों को भी भुगतान करना पड़ता है. लेकिन अगर रिकवरी नहीं हुई तो यह सिलसिला पूरी तरह चरमरा जाएगा. 

    मुख्य अभियंता श्री सुनील देशपांडे ने ग्राहकों से एमएसईडीसीएल की वित्तीय स्थिति को समझने और उनके बकाया का भुगतान करने और एमएसईडीसीएल के साथ सहयोग करने की अपील की है.