Women Protest

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चंद्रपुर/माजरी. अपनी विभिन्न मांगों के लिए गत दो माह से अनशन आंदोलन कर रहीं ग्राम बरांज की महिलाओं के आंदोलन ने उस वक्त गंभीर मोड़ ले लिया, जब यह महिलाएं रात के अंधेरे में कोयला उत्खनन से बने 200 फुट गहरे गड्ढे के पानी मे उतर गईं. इस घटना से परिसर में खलबली मच गई. गांव के पुनर्वास की प्रक्रिया पूर्ण किये बगैर ही कोयला उत्खनन का आरोप लगाते हुए ग्राम बरांज की ये महिलाएं कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा जिला प्रशासन के खिलाफ विगत दो माह से अनशन आंदोलन कर रही हैं. इस आंदोलन की ओर केपीसीएल और जिला प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने से त्रस्त आंदोलनकारी महिलाओं ने अनशन आंदोलन के साथ ही 2 बार ग्राम बरांज में चक्काजाम आंदोलन कर यातायात ठप किया था. जिससे केपीसीएल का कोयला परिवहन प्रभावित हुआ था.

महिलाओं के इस आंदोलन से केपीसीएल की कोयला खदान की ओर जाने वाले सारे ट्रकों की यातायात कई घंटों तक रुक गयी थी. अतः प्रशासन को इस आंदोलन की सुध लेनी पड़ी थी और केपीसीएल कंपनी के साथ एक बैठक लगाने का आश्वासन देते हुए जिला प्रशासन ने महिलाओं का यह चक्काजाम आंदोलन रुकवाया था. आश्वासनों के बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा आगे कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से त्रस्त होकर ग्राम बरांज की कुछ महिलाएं शुक्रवार को तड़के 3 बजे गांव के पास ही कोयला उत्खनन से बने 200 फुट गहरे गड्ढे के पानी में उतर गईं. इससे केपीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

इस आंदोलन में माधुरी निकोडे, पंचशीला कांबले, पल्लवी कोरडे, माया मेश्राम, अनिता बेन्दूर, मंजू कुरसंगे, रंजना शेलके आदि का समावेश है. वहीं कुछ आंदोलनकारी महिलाएं एक अन्य दूसरे गड्ढे में उतरकर आंदोलन कर रही हैं. जिनमें रंजना रणदिवे, ज्योति पाटिल, मनीषा उस्के, मीनाक्षी विखे, पूर्णिमा पैठकर, चंदा कुरसंगे, अस्मिता कातकर, पल्लवी, आशा पुणेकर, आशा पुनवटकर आदि का समावेश है. आंदोलनकारी महिलाओं का आरोप है कि, केंद्र सरकार की ओर से कर्नाटक पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड को भद्रावती तहसील के ग्राम बरांज के पास कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है. इस आवंटित कोल ब्लॉक से कोयला उत्खनन हेतु कंपनी को ग्राम बरांज के आसपास की जमीन का अधिकृत रूप से अधिग्रहण करना था.

ब्लास्टिंग से लोगों का जीना मुश्किल

ग्राम बरांज के निवासियों का धूल, मिट्टी, ओवर बर्डन के ऊंचे टीलों तथा आसपास के क्षेत्र में कोयला उत्खनन के लिए किए जा रहे ब्लास्टिंग से जीना दूभर हो गया है. उत्खनन से हो रहे प्रदूषण से बरांज गांव के लोगों का स्वास्थ्य संकटों से घिरने लगा है. इस बीच केपीसीएल कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग विनोद खोबरागड़े ने जिलाधिकारी से की है. जिलाधिकारी ने यह बात पुलिस प्रशासन से संबंधित होने का स्पष्टीकरण दिया है.