तेंदुए के बजाय मिले 2 शावक, आष्टी पेपर मिल कॉलोनी का मामला

    •  वनविभाग कर रहा तेंदूए की खोज 

    गड़चिरोली. विगत कुछ माह से चामोर्शी तहसील के आष्टी, इल्लूर परिसर में तेंदूए की दहशत कायम है. नागरिकों पर हमले करने के साथ ही मुर्गीयां, मवेशियों को निवाला बनानेवाले तेंदूए को पिंजरे में कैद करने की मांग हो रही है, ऐसे में तेंदूए के बजाएं आज 14 अक्टूंबर को सुबह के दौरान आष्टी पेपर मिल कालोनी में 15 दिन उम्र के 2 शावक मिले है. उक्त शावक परिसर में चर्चा का विषय बने है. किंतू तेंदूए से दूर हुए शावकों को उसकी मां से मिलाने के लिए वनविभाग प्रयास कर रहा है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार आष्टी पेपर मिल कालोनी परिसर के जंगल परिसर से तेंदूए के 2 शावक अपने माता से दूर होकर आज सुबह के दौरान सिधे कालोनी परिसर में आए. इस दौरान यहां कर्तव्य पर तैनात सुरक्षा रक्षको को शाव दिखाई देते ही उन्होने बिल्ले के शावक समझकर दोनों को पकडा. किंतू कुछ समय बाद ही उक्त शावक यह तेंदूए के होने की बात नागरिकों के ध्यान में आयी.

    इसकी जानकारी तत्काल मार्कंडा (कं) वनविभाग को दी गई. घटना की जानकारी मिलते ही वनाधिकारियों के साथ कर्मचारियों ने कालोनी में जाकर दोनों शावकों को कब्जे में लिया. मादी तेंदुआ शिकार हेतु बाहर जाने के बाद उक्त नवजात शावक भटकते हुए आष्टी परेपर मिल कालोनी में आने की बात कहीं जा रही है. 

    वनविभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों शावकों की उम्र करीब 15 दिन है. इसमें से एक शावक के कमर को चोट आने से वह घायल अवस्था में चलने की बात निदर्शन में आयी. वनविभाग ने तत्काल दोनों शावकों की स्वास्थ्य जांच की. फिलहाल दोनों शावकों को मार्कंडा (कं) वनपरिक्षेत्र कार्यालय में सुरक्षित रखे जाने की जानकारी है. मां से दूर हुए दोनों शावकों को उनके मां से भेट कराने के लिए वनविभाग के प्रयास है. शावकों की मां की खोज करने के बाद उन्हे सुरक्षित छोडा जानेवाला है. ऐसी जानकारी वनविभाग ने दी है. 

    आष्टी-इल्लूर परिसर में दहशत कायम

    पेपर मिल परिसर में विगत अनेक माह से तेंदुए का बसेरा कायम है. तेंदुए ने इल्लूर के एक व्यक्ति पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा था. वहीं आष्टी पेपर मिल कॉलन में तेंदुए ने एक महिला के साथ बच्चे पर हमला कर घायल किया था. इसके बाद बिते माह वनविभाग ने 2 तेंदुए को पकडकर उनकी रवानगी नागपूर में की गई थी. 2 तेंदएु पिंजरे में कैद होने के बाद भी तेंदूए के 2 शावक पाए जाने से इस परिसर में तेंदुए का अस्तीत्व कायम होने से दहशत का वातावरण कायम है. 

    शावक मिले, तेंदुए का क्या?

    वनविभाग ने आष्टी पेपर मिल परिसर से तेंदुए के 2 शावक कब्जे में लिए है. किंतू उक्त दोनों शावक गायब होने का दिखाई देने पर उक्त शावकों की मां (मादा तेंदुआ) अधिक आक्रमण होने की संभावना व्यक्त हो रही है. जिससे वनविभाग को उक्त शावकों की मां की यथाशिघ्र खोज करना आवश्यक हुआ है. अन्यथा शावकों से दूर हुए तेंदुए से नागरिकों को अधिक खतरा होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. 

    दोनों शावक सुरक्षित 

    आष्टी पेपर मिल कालोनी से कब्जे में लिए गए दोनों शावकों को मार्कंडा (कं) वनपरिक्षेत्र कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है. दोनों शावक 15 दिन के होकर एक शावक के कमर को चोट लगी है. शावक की स्वास्थ्य जांच की गई. वनविभाग द्वारा मादा तेंदएू की खोज शुरू होकर उक्त तेंदूए के मिलने के बाद उन्हे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरीत किया जाएगा. 

    सी. आर. तांबे, उपवनसंरक्षक, आलापल्ली वनविभाग

    सेल्फी के चक्कर में शावकों के साथ छेडकानी 

    पेपर मिल परिसर में पाए गए तंदुए के 2 शावकों को स्थानीय नागरिकों ने पकड़ा. इस दौरान दोनों शावकों को संरक्षण देने के बजाएं नागरिकों ने छेडकानी कर सेल्फी तथा विडीओ शुट करने की जानकारी है. इस संदर्भ के विडिओ व फोटो सोशल मिडीया पर वायरल हुए है. 15 दिन के इन दोनों शावकों को संरक्षण देने के बजाएं सेल्फी के चक्कर में छेडकानी करनेवालों नागरिकों के प्रति वन्यजीवन प्रेमीयों में रोष व्यक्त हो रहा है.