Search continues in the jungles, tigress is not getting caught

    • नितदिन जंगलों में गश्त कर रहा वनकर्मीयों का दस्ता 

    गड़चिरोली. विगत कुछ माह से गड़चिरोली तहसील के जंगलों में उत्पात मचाकर करीब 10 लोगो की जान लेनेवाली टी-6 बाघिन को उसके शावकों के साथ सुरक्षित पकड़ने के लिए विगत कुछ दिनों से वनकर्मीयों का दस्ता निरंतर पोर्ला व चातगांव वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले जंगल परिसर में तलाश कर रहा है. किंतु नरभक्षी बाघिन चकमा देते हुए वनकर्मीयों के हाथ नहीं लगी है. नरभक्षी बाघिन के हलचलों पर नजर रखने के लिए वनविभाग द्वारा जंगल परिसर में करीब 80 ट्रैप कैमेरे भी लगाए गए है. ऐसे में विगत कुछ दिनों से इन ट्रैप कैमरे में भी उक्त बाघिन नजर नहीं आने की बात कहीं जा रही है. जिस कारण वनकर्मीयों के दस्ते के समक्ष उक्त बाघिन को पकड़ना एक बडा आह्वान पेश हो रहा है. 

    देसाईगंज व गड़चिरोली वनविभाग के जंगल परिसर में अनेक पालतू जानवरों के साथ ही लोगो की जान लेनेवाली टी-6 बाघिन का उत्पात काफी बढ गया था. वहीं उक्त बाघिन अकेली नहीं बल्की शावकों के साथ होने की बात सामने आयी थी. निरंतर हो रहे हमलों के चलते ग्रामीण अंचल के नागरिकों का रोष भी बढ रहा था. उक्त नरभक्षी बाघिन को पकड़ने की मांग जोर पकड़ने लगी. जिसके पश्चात वनविभाग ने दस्ता तैयार कर उक्त बाघिन को शवकों के साथ सुरक्षित पकड़ने की मुहिम शुरू कर दी थी. किंतु इस मुहिम के दौरान ही चातगांव वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले अमिर्झा बिट में 2 मृत शावकों के अवशेष पाए गए थे.

    जिसके पश्चात लोगो की जान बचाने के साथ ही बाघिन व अन्य शावकों को भी सुरक्षित करना भी वनविभाग की जिम्मेदारी बन गई. जिसके चलते विगत एक पखवाडे से वनविभाग द्वारा टी-6 बाघिन को पकड़ने की मुहिम तेज कर दी गई है. नरभक्षी बाघिन को पकड़ने के लिए आरआरटी दल भी जिले में दाखिल हुआ है. उक्त दल द्वारा वनकर्मीयों के साथ जंगल परिसर में मुहिम शुरू है. किंतु अबतक वनमहकमे को उक्त बाघिन नजर नहीं आने की बात कहीं जा रही है.

    बताया जाता है, नरभक्षी बाघिन की हलचले जानने के लिए वनविभाग ने जंगल परिसर में विभिन्न जगह करीब 80 की संख्या में ट्रैप कैमरे भी लगर है. किंतु कुछ दिनों से इन कैमरो में भी उक्त बाघिन नजर नहीं आने की बात कहीं जा रही है. जिस कारण वनकर्मीयों के दस्ते के समक्ष उलझन बढ़ती नजर आ रही है. वनदस्ते के समक्ष टी-6 बाघिन को पकड़ना एक आह्वान बन रहा है. 

    सीटी- 1 को पकड़े बिते 3 माह

    वनव्याप्त गड़चिरोली जिले में विगत कुछ वर्षो में बाघों की संख्या में भारी वृद्धि दिखाई दे रही है. जिले के देसाईगंज व गड़चिरोली वनविभाग में बाघों ने मवेशियों के साथ ही अनेक लोगो को अपना शिकार बनाया है. इन बाघों में सीटी-1 तथा टी-6 बाघिन के अधिकत्तर हमले होने की बात सामने आयी थी. वनविभाग द्वारा दोनों बाघों को पकड़ने की मुहिम छेड दी थी. इस दौरान 13 अक्टूंबर 2022 को वडसा वनपरिक्षेत्र में सीटी-1 बाघ को शांत करते हुए पकड़ा गया. उक्त बाघ को पकड़ने के पश्चात वनविभाग द्वारा टी-6 बाघिन पर ध्यान केंद्रीत किया था. किंतु अबतक उक्त नरभक्षी बाघिन वनविभाग के कैद में नहीं आायी है. 

    कहां ओझल हुई बाघिन?

    नरभक्षी बाघिन को पकड़ने के लिए वनकर्मीयों के दस्ते के साथ ही आरआरटी यह विशेष दल भी टी-6 बाघिन के तलाश में जुटा है. किंतु बिते 4 दिनों से उक्त बाघिन के कहीं भी नामोनिशान जंगल परिसर में नहीं मिलने की बात सामने आ रही है. यहां तक की इस दौरान उक्त बाघिन वनविभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में भी ट्रैप नहीं हो रही है. जिस कारण उक्त बाघिन कहां ओझल हुई, ऐसा सवाल निर्माण हो रहा है. किंतु वनविभाग उक्त बाघिन को सुरक्षित पकड़ने के लिए हरदम प्रयास करता दिखाई दे रहा है.