आज जिले में कांग्रेस करेगी जेलभरो आंदोलन, संवाददाता सम्मेलन में पदाधिकारियों की जानकारी

    गड़चिरोली. पहले ही देश के नागरिक महंगाई की मार झेल रहे है. पेट्रोल, डिज़ल व गैस सिलेंडऱ समेत अन्य वस्तुओं के दाम बढऩे के कारण आम नागरिक वित्तीय समस्या से जुझ रहे है. ऐसे में सरकार ने सभी जीवनाश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लादने से आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है. वहीं दुसरी ओर केंद्र सरकार की निति के खिलाफ आवाज उठानेवाले विपक्ष दल के नेताओं पर ईडी की कार्रवाई की जा रही है.

    इन सभी मामलों को लेकर तथा विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा राज्यव्यापी जेलभरो आंदोलन किया जाएगा. गड़चिरोली के मुख्य इंदिरा गांधी चौक में कांग्रेस के पदाधिकारी जेलभरो आंदोलन करेंगे. वहीं तहसील मुख्यालयों में भी यह आंदोलन होगा. ऐसी जानकारी गुरूवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाड़े ने दी है.

     ब्राम्हणवाड़े बताया कि, वर्तमान स्थिति में केंद्र व राज्य में केवल दो लोगों की सरकार चल रही है. केंद्र सरकार मनमानी ढंग से अपनी नितियां देशवासियों पर लाद रही है. ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा अग्रिपथ योजना लाए जाने के बाद संपूर्ण देश में इस योजना का विरोध किया गया. वहीं कांग्रेस ने भी आंदोलन किया था. भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश में सर्वाधिक बेरोजगारी बढ़ गयी है. ऐसे में पिछले कुछ वर्षो से जीवनाश्यक वस्तुओं के दाम निरंतर बढ़ रहे है.

    जिससे महंगाई आसमान छू रही है. ऐसे स्थिति में भी केंद्र सरकार जीवनाश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लादने से आम नागरिक पुरी तरह वित्तीय संकट में पड़ गये है. राज्य विभिन्न हिस्सों समेत गड़चिरोली जिले में बाढ़ की स्थिति निर्माण हो गयी थी. लेकिन सरकार अब तक नुकसानग्रस्त को मुआवजा नहीं दिया है. जिससे सरकार किसान व नागरिकों के प्रति उदासिन होने का आरोप लगाया है. साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठानेवालों पर ईडी की कार्रवाई किए गए देश में हुकूमशाह सरकार होने की बात ब्राम्हणवाड़े ने कही.

    इसके खिलाफ संपूर्ण राज्य में शुक्रवार को राज्यव्यापी जेलभरो आंदोलन किया जा रहा है. गड़चिरोली शहर में कांग्रेस के पदाधिकारी दोपहर 12 बजे जेलभरो आंदोलन करेंगे. ऐसी जानकारी उन्होंने दी. संवाददाता सम्मेलन में पूर्व सांसद मारोतराव कोवासे, पूर्व विधायक डा. नामदेव उसेंड़ी समेत डा. नामदेव किरसान, डा. नितिन कोड़वते, डा. चंदा कोडवते, सगुना तलांड़े, भावना वानखेड़े, सतीश विधाते, सावसागड़े, पूर्व जिप उपाध्यक्ष मनोहर पोरेटी, विश्वजीत कोवासे, कुणाल पेंदोरकर, रजनीकांत मोटघरे समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.