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  • 'किसान सम्मान योजना' में 3,923 ठहराए गए अयोग्य

गोंदिया. प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना अंतर्गत किसानों को वर्ष में 6 हजार रुपये मानधन दिया जाता है, लेकिन इस योजना का लाभ आयकर का भुगतान करने वाले किसानों ने भी उठा लिया था. यह बात शासन के ध्यान में आने के बाद आयकर भरने वाले और अयोग्य किसानों से की दी गई राशि वसूल करने के निर्देश केंद्र सरकार ने दिए है. जिससे संबंधित किसानों को नोटिस देकर जिले के 733 किसानों से अब तक 71 लाख रुपये वसूल किए गए है.

2.67 लाख पाए गए योग्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना अंतर्गत जिले के 2 लाख 67 हजार किसान योग्य ठहराए गए थे. किसानों के बैंक खातों में केंद्र सरकार 6 हजार रुपये मानधन जमा करती है. योजना का लाभ आयकर भरने वाले किसानों ने भी उठा लिया था. इसके अलावा कुछ अयोग्य साबित होने वाले एक ही परिवार के 7-8 लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है. 

दुबारा किया गया सर्वेक्षण

इस घटना की जानकारी मिलते के बाद इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों का पुन: सर्वेक्षण किया गया. जिसमें आयकर का भुगतान करने वाले 2,269 किसानों को विभिन्न कारणों से अयोग्य घोषित किया गया था. इसमें कुल 3,923 किसानों को केंद्र सरकार से अब तक मानधन के रूप में 3 करोड़ 67 लाख का वितरण किया गया था. यह राशि वसूल कर शासन जमा करने के निर्देश जिलाधीश को दिए गए थे. इसके बाद हर एक तहसील में अयोग्य ठहराए गए व आयकर का भुगतान करने वाले किसानों को तहसीलदारों ने नोटिस देकर मानधन की रकम वापस लौटाने का फरमान जारी किया. इसमें से अब तक 733 किसानों ने मानधन की रकम लौटा दी है. इसमें आयकर धारक 660 किसानों ने 65 लाख 4 हजार व अयोग्य साबित होने वाले किसानों ने 5 लाख 94 हजार शासन जमा किए है. इसी तरह शेष किसानों से रकम वसूल करने की प्रक्रिया शुरू है. 

गोंदिया तहसील के है सबसे ज्यादा

आयकर का भुगतान करने वालों में सबसे अधिक गोंदिया तहसील के किसानों का समावेश है. इन किसानों से मानधन के रूप में उनके बैंक खातों में जमा की गई रकम वसूल की जा रही है. इसमें विशेष बात यह है कि किसान भी स्वयं प्रशासन को सहयोग कर रहे हैं. जिले में आयकर का भुगतान करने वाले अयोग्य ठहराए गए किसानों को मानधन की रकम लौटाने के लिए प्रशासन ने कोई विशेष अवधि निर्धारित नहीं कर दी है. जिससे किसान उनकी सुविधा के अनुसार उक्त रकम लौटा सकते है. इसमें अधिकांश किसान नोटिस मिलने के बाद रकम लौटाने लगे है.