Strike of contract health workers completes 1 month

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गोंदिया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों व  अधिकारियों की राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान संविदा अधिकारी व कर्मचारी समायोजन कार्य समिति ने विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद आंदोलन शुरू किया था. इस संदर्भ में सार्वजनिक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डा. तानाजी सावंत के साथ सफल चर्चा के बाद संगठन ने आंदोलन वापस ले लिया है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों की आयु सीमा में छूट देने और उन्हें नियमित रिक्त पदों में समायोजित करने और अन्य मुद्दों पर शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने की मांग संगठन ने की. इस संबंध में मंत्री डा. सावंत की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को बैठक हुई. जिसमें हुई चर्चा के अनुसार व दिए गए निर्देशानुसार जन स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर प्रत्येक वर्ष 70 प्रश. कोटा सीधी सेवा से व शेष 30 प्रश. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पदों पर भरा जाएगा.

10 वर्ष या उससे अधिक लगातार सेवा पर कार्यरत संविदा (तकनीकी/गैर तकनीकी) कर्मचारियों के समायोजन के लिए सरकार को पत्र दिनांक 7. नवंबर 2023 के माध्यम से प्रस्ताव दिया गया है कि शर्त में छूट व आवश्यक परिवर्तन के संबंध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाए व स्वास्थ्य विभाग में नियमित पदों के लिए प्रवेश नियमों में संशोधन किया जाए. 

उस अनुसार उक्त प्रस्ताव विचाराधीन है तथा शासन स्तर पर आगे की कार्यवाही चल रही है. संस्था द्वारा प्रस्तुत वक्तव्य के अनुसार 29 नवंबर 2023 को मंत्री डा. सावंत से उनके सरकारी आवास पर सकारात्मक चर्चा हुई. इस चर्चा के आधार पर बाकी मांगों पर निर्णय लेने के लिए जल्द ही बैठक की जा रही है. हालांकि डा. सावंत ने हड़ताल में भाग लेने वाले सभी संविदा कर्मियों से हड़ताल वापस लेने और तुरंत काम पर लौटने की अपील की है. मंत्री के फोन पर संगठन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि आंदोलन वापस ले लिया गया है.