Naxalite Camp Destroyed

  • 150 जिलेटिन की छड़े व 27 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त

गोंदिया. नक्सल ग्रस्त इस जिले में पुलिस के व्यापक एहतियात व सतर्कता के बावजूद नक्सली हर क्षण बड़ी कारगुजारी को अंजाम देने सक्रिय रहते हैं, हालांकि लंबी अवधि से वह इस दिशा में सफल नहीं हो पाए है, फिर भी जिले से सटे छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश के नक्सलप्रभावित इलाकों में घातक योजनाएं बनाने में लगे रहते हैं. शनिवार को जिले की नक्सल संवेदनशीन तहसील सालेकसा के अंतर्गत दर्रेकसा घाट परिसर में गेंडुरझरिया पहाडी पर नक्सलियों ने बड़ी मात्रा जमीन में विस्फोटक सामग्री छिपा रखी थी. जिसे पुलिस टीम ने घने जंगलों से 150 जिलेटिन की छड़े व 27 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त किया है.

जमीन में रखी थी छिपाकर

जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे को सूचना मिली थी कि सालेकसा पुलिस स्टेशन अंतर्गत दर्रेकसा घाट के निकट गेंडुरझरिया पहाड़ी परिसर में बड़ी घटना को अंजाम देकर पुलिस जवानों को उड़ाने के उद्देश्य से नक्सलवादियों ने विस्फोटक सामग्री जमीन में छिपाकर रखी है. इस सूचना के तत्काल बाद पानसरे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. बारीकी से सर्च ऑपरेशन चलाया गया. जिसमें काफी देर के बाद दर्रेकसा घाट के निकट गेडुंरझरिया पहाड़ी के उत्तर क्षेत्र में पत्थर के कोने में बॅम स्क्वाट दल को कुछ संदिग्ध सामग्री दिखाई दी. इस दौरान पुलिस जवानों के हाथ में रखे मैटल डिटेक्टर पर सिग्नल मिल रहे थे.

पुलिस विभाग के श्वान टॉम ने की हलचल से भी पुलिस अधिकारियों को इस परिसर में विस्फोटक होने का संकेत मिला. इस समय बड़ी सतर्कता के साथ विस्फोटक सामग्री बीडीडीएल दल की मदद से बाहर निकाली गई. जिसमें एक स्टील का डिब्बा 20 किग्रा क्षमता का विस्फोट, छड़ी सिल्वर व आंरेज कलर के 150 नग, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 27 नग आदि दिखाई दी. सामग्री पुलिस ने जब्त कर दी. सालेकसा पुलिस स्टेशन में भादवि की धारा 307, 120 ब,सहधारा 16,20 व 23 युएपीए, धारा 4 व 5 भारतीय विस्फोटक पदार्थ कानून के तहत अज्ञात नक्सलवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

Naxalite Camp Destroyed

जिले में सर्च आपरेशन तेज : पानसरे

इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने चर्चा करते हुए बताया कि यह पुलिस विभाग की उल्लेखनीय सफलता है. उक्त विस्फोटक सामग्री समय पर जब्ती नहीं की गई होती तो नक्सलवादी कभी भी बड़ी व घातक घटना को अंजाम दे सकते थे. उन्होंने बॅम स्क्वाट दल व श्वान दल के टॉम की सराहना व विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवादियों ने जहां विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी थी उस स्थल तक सरलता से नहीं पहुंचा जा सकता था, लेकिन विस्फोटक सामग्री की खोज करते समय पुलिस जवानों को मेटल डिटेक्टर पर स्ट्रांग सिंग्नल मिल रहे थे, जिससे पुलिस ने अपना अभियान पूर्ण किया.

पानसरे ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद जिले में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, इसके साथ की विस्फोटक सामग्री की जांच शुरू की गई है. आमगांव के उपविभागीय पुलिस अधिकारी जालींदर नालकुल जांच कर रहे हैं. पुलिस उपविभागीय अधिकारी जगदीश पांडे, पुलिस निरीक्षक बबन आव्हाड, सालेकसा के थानेदार प्रमोद बघेले, एपीआई प्रदीप अतुलकर, सी 60 कमांडो सालेकसा, बीडीडीएस व श्वान दल के अधिकारी व कर्मचारियों ने कार्रवाई में सहयोग किया.