Indian-origin couple died due to electrocution in South Africa, had married a few days ago
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    गोंदिया. शासकीय मेडिकल कालेज में रात 7.30 बजे के लगभग दुर्घटना में घायल हुए युवक को मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया  लेकिन आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा पूर्ति करने में मेडिकल कालेज के वैद्यकीय अधिकारियों ने लापरवाही की. जिससे युवक की मृत्यु हो गई. ऐसा आरोप उसके परिजनों ने लगाया है.

    इस घटना को लेकर शासकीय मेडिकल कालेज प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया है. मृतक का नाम श्रीनगर सिंधी कालोनी निवासी नवीन डुलानी (28) है. गोंदिया निवासी नवीन डुलानी की गोंदिया-तिरोड़ा मार्ग पर ढाकनी परिसर में दुर्घटना हो गई.  उसे घायल अवस्था में रात 7.30 बजे शासकीय मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया.

    सिर पर गंभीर चोट लगने के बावजूद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा वाले डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार किए बिना उसे सीधे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी. इतना ही नहीं सिटी स्कॅन निजी केंद्र से कराकर लाओं ऐसा भी कहा गया. जिससे युवक के परिवार वालों व मित्रों ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लिया और  कुछ  घंटों  बाद सिटी स्कॅन किया गया.

    जिसकी रिपोर्ट दो घंटे तक नहीं दी गई. वही दूसरी ओर घायल नवीन  पर कोई भी प्राथमिक उपचार नहीं किया गया. उपचार के अभाव में उसकी रात 11 बजे मृत्यु हो गई. डाक्टरों की लापरवाही से नवीन की मृत्यु होने का आरोप लगाकर शासकीय मेडिकल कालेज के खिलाफ लोगों ने रोष व्यक्त किया. 

    सिटी स्कॅन मशीन दिखावा

    शासकीय मेडिकल कालेज में करोड़ों रु. की निधि से सिटी स्कॅन केंद्र की स्थापना की गई है. इसके लिए विशेषज्ञ डाक्टर, तांत्रिक कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. इस केंद्र पर प्रशासन को 10 लाख से अधिक का खर्च आता है. लेकिन यह केंद्र केवल दिखावा साबित हो रहा है. इसमें दिन भर में केवल 5 से 6 सिटी स्कॅन कर अन्य मरीजों को वापस लौटा दिया जाता है. यहां कार्यरत कर्मचारी आज का लक्ष पूर्ण हो गया है ऐसा कहते पाए जाते है. फिर यह सिटी स्कॅन केंद्र किसलिए शुरू किया गया है ? ऐसा सवाल किया जा रहा है. 

    पार्षद यादव की पहल

    शासकीय मेडिकल कालेज में भरती नवीन  की आपातकालीन सेवा अंतर्गत तत्काल सिटी स्कॅन करना था. जबकि सिटी स्कॅन केंद्र बंद था. वहीं परिवार वालों को निजी केंद्र पर भेजने की सलाह दी गई थी. इसे लेकर  पार्षद लोकेश एस. यादव वहां पहुंच गए और अस्पताल प्रशासन की खिंचाई की. इसके बाद अस्पताल की सिटी स्कॅन शुरू की गई.