Ajit Pawar
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    मुंबई: दिवाली (Diwali) के मौके पर आम लोगों की सुविधा के लिए शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) ने राशन कार्ड धारकों को मात्र 100 रुपए में 1 किलो सूजी, 1 किलो पाम तेल, 1 किलो चना दाल और 1 किलो शक्कर देने की घोषणा की है, लेकिन उनकी यह योजना अब विवादों में फंस गई है। 

    नेता विपक्ष अजीत पवार (Ajit Pawar) ने बड़ा आरोप लगाया है कि सरकारी किट (Government Kits) की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि 100 रुपए की इस किट को 200 से 300 रुपए में बेचा जा रहा है। अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार को इस पर करीब से ध्यान देने की जरूरत है।

    सरकार की प्लानिंग फेल

    अजीत पवार ने कहा है कि राज्य सरकार की 100 रुपए की दिवाली राशन योजना पूरी तरह से फेल रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना को सफल बनाने के लिए इसे ठीक से नियोजित करना होता है। अजीत पवार ने कहा कि शिंदे-फडणवीस सरकार ने आनन-फानन में इस योजना की घोषणा तो कर दी, लेकिन इसके लिए फंड की व्यवस्था और समय से डिलीवरी के लिए कारगर प्लान तैयार नहीं किया। इस वजह से लोगों को यह राशन किट लेने के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है। अजीत पवार ने कहा कि अगर यह किट लोगों को दिवाली के बाद मिलता है तो फिर इसका क्या फायदा होगा?

    शिंदे, फडणवीस और राज की मुलाकात पर सवाल नहीं

    अजीत पवार ने कहा कि मनसे के दीपोत्सव कार्यक्रम में सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे के एक साथ आने पर सवाल खड़े नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों नेता दिवाली के मौके पर एकत्रित हुए थे। ऐसे में इसका विरोध करने का कोई कारण नहीं है।