Gas Leak in Mumbai Hospital : Gas leak in Mumbai's Kasturba Hospital, patients shifted to another building

  • कोरोना संकट से बीएमसी ने लिया सबक

मुंबई. मुंबई (Mumbai) में कोरोना महामारी (Corona epidemic) के कारण बढ़ी मरीजों की संख्या से बीएमसी स्वास्थ्य विभाग (BMC Health Department) की पोल खोल कर रख दी थी। एक एक बेड के लिए मरीजों को कई दिन वेटिंग पर रखा जा रहा था। बेड और ऑक्सीजन नहीं मिलने पर मरीजों की मौत हो रही थी। इससे सबक लेते हुए बीएमसी ने अब आर्थिक संकट के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी मंगला गोमरे ने बताया कि मुंबई के एकमात्र संक्रामक रोग अस्पताल कस्तूरबा में 220 बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।  चिंचपोकली स्थित कस्तूरबा अस्पताल (Kasturba Hospital) संक्रामक रोगों (Infectious diseases) के उपचार के लिए बीएमसी का एकमात्र अस्पताल है। इस अस्पताल में सभी प्रकार के संक्रामक रोगों का इलाज किया जाता है। कोरोना संकट के समय  से ही कस्तूरबा अस्पताल कोविड मरीजों के इलाज के  लिए बहुत मददगार साबित  हो रहा है।  

 कई कोविड सेंटर बनाने पड़े

मुंबई में कोरोना फैलने की आशंका के तहत  फरवरी में  ही अस्पताल को पहले कोविड अस्पताल के रूप में मान्यता दी गई थी, लेकिन जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती गई बीएमसी प्रशासन के हाथ पांव कांपने लगे। जब लाखों मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए बड़ी संख्या में बेड की आवश्यकता थी उस समय बीएमसी के पास मात्र 125 बेड ही उपलब्ध थे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी को सभी अस्पतालों को कोविड अस्पताल घोषित करने के साथ ही कई कोविड सेंटर बनाने पड़े। इससे कस्तूरबा में अपर्याप्त बेड और सुविधाओं पर भी सवाल उठाए गए।

वर्तमान में कस्तूरबा अस्पताल में 125 बेड

वर्तमान में कस्तूरबा अस्पताल में 125 बेड हैं और महामारी में इसकी लगातार कमी देखने को मिली।  इसलिए यहां अपर्याप्त अत्याधुनिक सेवाओं को देखते हुए बीएमसी ने बिस्तरों और सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन प्रस्ताव पर अमल नहीं किया गया। लेकिन  कोरोना संकट के बाद  बीएमसी ने बेड की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

वर्तमान में कस्तूरबा अस्पताल में 125 बेड हैं और 220 बेड का एक और नया वार्ड बनाया जाएगा। इससे कस्तूरबा में बिस्तरों की संख्या 125 से बढ़कर 335 हो जाएगी। नया वॉर्ड वेंटिलेटर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से भी सुसज्जित होगा।

- मंगला गोमरे, स्वास्थ्य कार्यकारी अधिकारी , बीएमसी