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    मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय (Mumbai High Court) को सूचित किया कि शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कोविड-19 (Corona) की मौजूदा स्थिति “नियंत्रण में” है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल साखरे ने सूचित किया कि मुंबई में कोरोना वायरस की मौजूदा तीसरी लहर में मामलों में धीरे-धीरे गिरावट देखी जा रही है। 

    साखरे ने पीठ को यह भी बताया कि 15 जनवरी तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहर में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 84,352 थी जिनमें से सात प्रतिशत रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी और तीन प्रतिशत को ऑक्सीजन सपोर्ट और 0.7 फीसदी को वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ी।

    उन्होंने नगर निकाय की ओर से एक विस्तृत नोट पेश किया जिसमें इलाजरत मरीजों की संख्या, ऑक्सीजन की आपूर्ति, दवाओं के स्टॉक, अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर आदि का विवरण है। साखरे ने कहा, “हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति है, अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध हैं। घबराने की कोई वजह नहीं है।”

    पीठ ने तब पूछा कि क्या नगर निकाय कह रहा है कि मुंबई में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है? जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने हां में जवाब दिया। साखरे ने कहा, “हाँ, अब सब कुछ नियंत्रण में है। मामले कम आ रहे हैं। छह जनवरी से नौ जनवरी के आसपास संक्रमण के मामलों की संख्या 20,000 तक पहुंच गई थी। लेकिन 15 जनवरी को मामले कम होकर 10,000 हो गए थे और पिछले तीन दिन में ये घटकर 7,000 हो गए हैं।”