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  • 7 महीने में ठप था कारोबार

मुंबई. शराब के लाइसेंस शुल्क  (Liquor license fee) में 50 प्रतिशत की छूट एवं 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि को वापस लेने के निर्णय से होटल कारोबारियों (Hotel businessman) ने खुशी जतायी है। सरकार के निर्णय को लेकर आहार ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray), एनसीपी प्रमुख शरद पवार (NCP chief Sharad Pawar) सहित अन्य लोगों के प्रति आभार ज्ञापित किया है।

लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से होटल 

(hotel), रेस्टोरेंट  (restaurant) एवं बीयर बार (Beer bar) सात महीनों तक बंद थे। इस अवधि में हुए नुकसान की भरपाई को लेकर राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने शराब के लाइसेंस शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के अलावा लाइसेंस फीस में 15 प्रतिशत की वृद्धि को वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में  शराब के व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने का निर्णय लिया गया।

इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (Indian Hotel and Restaurant Association) ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। आहार ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राकां नेता शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा है कि लॉकडाउन की वजह से  परेशान कारोबारियों को राहत मिली है। आहार के अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी ने कहा है कि सकारात्मक निर्णय से  होटल व्यवसायियों को एक तरह से प्रोत्साहन मिला है। होटल उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करता है। इससे लगभग 60 लाख लोगों को सीधे  रोजगार मिला है जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर इससे 2 करोड़ लोगों की आजीविका जुडी हुई है। सरकार के राजस्व में भी होटल उद्योग का बहुत बड़ा योगदान है।