Cold
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    मुंबई: मुंबई (Mumbai) में कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third Wave) के बीच मुंबईकर (Mumbaikar) सर्दी, खांसी, जुकाम और फीवर से परेशान हो चुके हैं। हर इलाके से यह खबर आ रही है कि लोग फीवर से पीड़ित हैं। मेडिकल स्टोर्स से सर्दी जुकाम और फीवर का टेबलेट लेकर खा रहे हैं। ड़र के मारे बीएमसी (BMC) के अस्पतालों में लोग नहीं जा रहे हैं कि जांच के बाद कोविड निकल आया तो होम क्वारंटइन होने के साथ पूरी इमारत को सील कर दिया जाएगा। फ्लू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी ने अपने फीवर क्लीनिक (Fever Clinic) को एक्टिव कर दिया है।

    मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय स्थित क्लीनिक में भी कोल्ड से पीड़ित कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई है। इससे पहले दिन भर में 25 से 30 कर्मचारी जांच दवा लेने पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़ कर 70 के पार चली गई है। जितने कर्मचारी मुख्यालय के क्लीनिक में दवा लेने जा रहे हैं उनमें जांच के लिए जिन्हें भेजा जा रहा है लगभग सभी लोग कोविड पॉजिटिव मिल रहे हैं। एक आंकड़े के अनुसार, मुख्यालय क्लीनिक से जिन्हें आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा जाता है उनमें से लगभग 4 से 5 कर्मचारी पॉजिटिव आ रहे हैं।

    निजी क्लीनिक से दवा ले रहे हैं लोग

    पूरे मुंबई का लगभग यही हाल है। हर मोहल्ले, गली में लोग सर्दी, फीवर से परेशान दिख रहे हैं। यह कोविड है या साधारण फ्लू पता ही नहीं चल रहा है। अस्पतालों में फ्लू से पीड़ित कोई व्यक्ति यदि दवा लेने जाता है तो डॉक्टर आरटीपीसीआर जांच के लिए भेज देते हैं। इसलिए लोग अस्पताल न जाकर निजी क्लीनिक या मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी सर्दी, फीवर से पीडित लोग बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं क्योंकि बीएमसी अस्पतालों में जाने पर कोविड जांच के लिए कहा जा रहा है। इसलिए लोग निजी अस्पताल अथवा क्लीनिक से दवा ले रहे हैं। 

    सर्दी, खांसी, बुखार से पीडित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हमने बीएमसी के फीवर क्लीनिक को एक्टिव करने का आदेश दिया है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद बीएमसी ने फीवर क्लीनिक को एक्टिव किया था। यह टीम जहां ज्यादा शिकायत आ रही थी, वहां जाकर लोगों का दवा देते थे। अब एक बार फिर फीवर क्लीनिक को एक्टिव कर दिया गया है। साधारण सर्दी, बुखार से पीड़ित लोगों को दवा दिया जा रहा है, लेकिन कोरोना के लक्षण दिखने पर जांच के लिए भेजा जाएगा।

    -सुरेश काकानी, अतिरिक्त आयुक्त, बीएमसी