Parambir Singh approaches Mumbai court, appeals for cancellation of court proclamation order against him
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    मुंबई : मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस कमिश्नर (Former Police Commissioner) परमबीर सिंह (Parambir Singh) ने राज्य सरकार (tate Government) के निलंबन आदेश (Suspension Order) के खिलाफ विद्रोही तेवर अपना लिया है। उन्होंने निलंबन आदेश को स्वीकार करने से इंकार करते हुए इसे कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। सिंह ने निलंबन को अवैध बताया है। इससे पहले राज्य सरकार ने गुरुवार को सिंह पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ निलंबन के आदेश जारी किए थे।

    परमबीर सिंह की दलील है कि वरिष्ठता के अनुसार मैं पुलिस महानिदेशक के इस आदेश को स्वीकार नहीं करूंगा। उन्होंने कहा है कि मैं स्वयं पुलिस महानिदेशक की श्रेणी का अधिकारी हूं। इसे देखते हुए, पुलिस महानिदेशक उनके निलंबन का आदेश नहीं दे सकते। सिंह का कहना है कि गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ही इस तरह का आदेश दे सकते हैं। फिलहाल मनु कुमार श्रीवास्तव राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। लेकिन वे अपनी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से छुट्टी पर हैं। इसलिए वे परमबीर सिंह के निलंबन का आदेश नहीं दे पाएंगे। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि परमबीर सिंह के इस वार का राज्य सरकार क्या काट निकालती है।

    अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली की टारगेट देने का आरोप

    गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद सिंह के निलंबन की फाइल को क्लियर कर दिया था। देबाशीष चक्रवर्ती समिति की रिपोर्ट में परमबीर पर सरकारी सेवा के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। परमबीर सिंह, उस समय सुर्ख़ियों  में आए थे, जब उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली की टारगेट देने का आरोप लगाया था।