Visakhapatnam

    -अरविंद सिंह

    मुंबई:  पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) जैसे छद्मी दुश्मनों से चौकन्ना रहने के लिए भारत (India) ने अपनी जल, थल और वायु क्षमता में लगातार वृद्धि कर रहा है। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना (Indian Navy) के ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी का पहला प्रोजेक्ट 15-बी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर (विध्वंसक) 21 नवंबर को भारतीय नौसेना की शान बनेगा। इससे नौसेना (Navy)  की ताकत में और इजाफा होगा। इसके कमीशन होने से भारत की हिंद महासागर में सुरक्षा कवच और मजबूत होगा। अत्याधुनिक तकनीक से युक्त इस विध्वंसक के नौसेना में शामिल होने से पाकिस्तान और चीन की चिंताएं बढ़ गई हैं। 

    रक्षा विशषज्ञों का मानना है कि वैसे तो पाकिस्तान भारत के मुकाबले कहीं नहीं ठहरता, लेकिन जिस तरह से चीन उसे हथियारों की सप्लाई कर रहा है, उससे निपटने में यह विध्वंसक ‘मील का पत्थर’ साबित होगा। इस युद्धपोत के नौसेना में शामिल होने से नेवी काफी मजबूत होगी। नौसेना पश्चिमी कमान के प्रवक्ता मेहुल कार्णिक ने बताया कि इस कटेगरी के कुल चार युद्धपोत मुंबई के माझगांव डॉक में बनाए जा रहे हैं। उनमें से यह पहला युद्धपोत है।

    भारतीय शहरों के नाम पर युद्धपोत

    एमडीएल ने अनुबंध के तहत जनवरी 2011 में भारतीय नौसेना के लिए चार प्रोजेक्ट 15-बी युद्धपोतों के निर्माण के लिए अनुबंध किया था। जहाजों को सेवा के इन-हाउस डिजाइन संगठन ‘नौसेना डिजाइन निदेशालय’ द्वारा डिजाइन किया गया है। चारों युद्धपोतों के नाम विशाखापत्तनम, इंफाल, मोरमुगाओ और चौथे का नाम आधिकारिक तौर पर अभी रखना बाकी है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस युद्धपोत का नाम सूरत रखा जाएगा। इन सभी डेस्ट्रॉयर्स के नाम भारत के प्रमुख शहरों के नाम पर रखे गए हैं। भारतीय रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट 15-बी में कुल मिलाकर लगभग 75% तकनीक (सामग्री) स्वदेशी है।

    मिसाइलों से लैस

    यह युद्धपोत बीईएल की मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल, लार्सन एंड टुब्रो के स्वदेशी टारपीडो ट्यूब लॉन्चर और पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लांचर सहित स्वदेशी अत्याधुनिक तकनीक वाले हथियारों से लैस होगा। जहाज को भेल द्वारा निर्मित 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट से भी लैस किया जाएगा।

    2015 में हुई थी लांच

    ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी के इस विध्वंसक को अप्रैल 2015 में लांच किया गया था और इसकी गोदी में बनने की शुरूआत अक्टूबर 2013 में हुई थी। ‘विशाखापत्तनम’ को भारत सरकार और भारतीय नौसेना द्वारा स्वतंत्रता के 75 वर्षों के हिस्से के रूप में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को पूरा होने की दिशा में एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

    युद्धपोत की यह है खासियत

    • नाम       ‘विशाखापत्तनम’
    • गोदी        माझगांव डॉक लिमिटेड
    • प्रकार       गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर
    • लागत      8,950 करोड़ डालर
    • वजन      7,300 टन
    • लंबाई      163 मीटर (535 फीट)
    • बीम       17।4 मीटर ( 57 फीट)
    • ड्राफ्ट      6।5 मीटर (21 फीट)
    • स्पीड     30 नॉटिकल माइल्स (56 किमी प्रति घंटा)
    • रेंज      4,000 नॉटिकल माइल्स (7,400 किमी)
    • क्र्यू मेंबर्स  300 (50 अधिकारी, 250 सेलर्स)
    • एक बार में 45 दिनों का अभियान करने में सक्षम