तपन से बढ़ी लीची की डिमांड, 150 से 200 रुपये प्रति किलो पर पहुंची

    नागपुर. फलों की रानी व जूसी फ्रूट लीची की इन दिनों गरमी की तपन बढ़ने के साथ महानगर में डिमांड बढ़ती जा रही है लेकिन मार्केट में डिमांड के अनुसार लीची की आवक कुछ कम ही है. जिस तरह तपन की चुभन बढ़ रही है, उसी तरह इसके भाव भी करीब 30 प्रश की वृद्धि के साथ बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गये हैं. जूसी फ्रूट में आम, तरबूज, खरबूजा और लीची को बहुत अधिक पसंद किया जाता है. यह स्वादिष्ट होने के साथ ही काफी पौष्टिक भी होती है. लीची गर्मियों की जान है. लीची का नाम आते ही मुंह में मिठास और रस घुल जाता है. इस समय मार्केट में कोलकाता और इसकी सीमा से लगे बिहार से लीची की आवक हो रही है.

    पानी में हमेशा रखना पड़ता है 

    फल व्यापारी उमेश गुप्ता ने बताया कि गर्मी की तपन बढ़ते ही अन्य जूसी फ्रूट की तरह ही लीची की भी आवक शुरू हो जाती है लेकिन इन दिनों बहुत अधिक तपन बढ़ने के कारण इसकी डिमांड कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है. यह कोलकाता और इसकी सीमा से लगे बिहार से रेल मार्ग से महानगर तक पहुंचती है. लीची को ज्यादा देर तक बिना पानी के नहीं रख सकते हैं. इसे पानी में न रखा जाये तो इस पर कालापन आ जाता है. इसलिए इसका काफी ध्यान रखना पड़ता है. डिमांड अधिक और आवक कम होने के कारण इसके भाव में बढ़ोतरी हुई है.

    लीची बच्चों से लेकर बड़ों तक का पसंदीदा फल है. मीठा रसीला फल लीची न केवल गर्मी में राहत दिलाता है बल्कि इस फल के कई औषधीय गुण भी हैं जो इसके सेवन से शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं. एक अन्य फल व्यापारी ने बताया कि लीची काफी महंगी होने से शहर में इसकी खपत सीमित ही होती है. गर्मी की शुरुआत में लीची 120 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जिसमें अभी 30-40 प्रश की वृद्धि हो गई है. इस समय में लीची का 14 किलो का पैक 1,500 से 2,000 रुपये में आ रहा है. मार्केट में इस समय 30 से 40 बॉक्सेस आ रहे हैं.