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    नागपुर. ग्राहक से 10.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर और अन्य लोगों के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस ने मामला दर्ज किया. आरोपियों में जलाराम दूध केंद्र व उसके संचालक, गोलेछा हाउसिंग एंड इंफ्रस्ट्रक्चर प्रा. लि. कंपनी और उसके संचालक, विशाल गोलेछा, अ‍वीन गोलेछा, भगवती अपार्टमेंट, महल निवासी रजनी नरेंद्र पांडे, दीपक अग्रवाल, क्रिश हरीश तिवारी और हरीश तिवारी का समावेश हैं. गोलेछा द्वारा ठगे जाने की शिकायत इसके पहले भी सामने आ चुकी है. इसके पहले भी पुलिस कुणाल देशोत्तर की शिकायत पर रजनी पांडे और हरीश तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है.

    नया मामला विवेकप्रसाद रंजन (33) की शिकायत पर दर्ज किया गया. गोलेछा कंपनी ने हिंगना रोड के पारधीनगर में जलाराम मंगलम नामक रेसिडेंशियल और कमर्शियल स्कीम तैयार करने के नाम पर लोगों से बुकिंग ली. विवेक ने भी गोलेछा से 1 दूकान और 1 फ्लैट खरीदने का सौदा किया. पहले विशाल को 3 लाख रुपये का चेक दिया. इसके बाद अवीन को 4 लाख रुपये का चेक दिया. इसके बाद रजनी पांडे ने दीपक अग्रवाल और क्रिश तिवारी के खाते में 5-5 लाख रुपये जमा करने को कहा.

    विवेक ने उनके नाम पर भी चेक जारी कर दिए, जिसको बाद में कैश भी करवा लिया गया. रसीद मांगने पर रजनी टालमटोल करने लगी. लॉकडाउन खत्म होने के बाद विवेक ने गोलेछा से संपर्क किया तो बाद में दिए गए 10 लाख रुपये का कोई हिसाब ही नहीं था. इसीलिए उनकी दूकान और फ्लैट की बुकिंग कैंसिल होने की जानकारी दी गई.

    गोलेछा ने विवेक को 6.50 लाख रुपये चेक द्वारा लौटा दिए लेकिन बाकी राशि नहीं दी गई. जांच में पता चला कि इस तरह का व्यवहार पहले भी हो चुका है. इसीलिए विवेक ने सभी के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.