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    नागपुर. वैसे तो साहित्य से मेरा दूर का वास्ता है, इसिलए मैं मन की नहीं सच्ची बात करूंगा, प्रसिद्ध अभिनेता व पूर्व सांसद शत्रूध्न सिंहा ने कही. वे रायासेनी समूह के एसजीआर नॉलेज फाउंडेशन व्दारा आयोजीत ऑरेंज सिटी लिटरेचर फेस्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रमूख अतिथी के रूप में बोल रहे थे. सिंहा बोले वतर्मान में फेंक न्यज का दौर है. लोगो ने अच्छा साहित्य को पढ़ना चाहीए. अपने आत्मचरीत्र ‘एनिथिंग बट खमोश’ का उल्लेख करते हुए कहा की उन्होने बढे़ प्रामानिकता से अपने पक्ष को रखा है जो लोंगो को प्रेरीत करेंगा. सिंहा ने अच्छे साहित्य से नाता जोडने का सूझाव देते हुए कहा की साहित्य समाज का आईना होता है.

    कार्यक्रम के विशेष अतिथी प्रसिद्ध संगीतकार इस्माईल दरबार ने अपने भाषन मे वाचन और अघ्ययन के महत्व की जिवन में आवशकता पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर डॉ राधाकृष्णन पिल्लई व्दारा लिखित पुस्तक दि आर्ट ऑफ विनिंग चाणक्य वे का विमोचन किया गया. रायसोनी समूह के अध्यक्ष सुनील रायसोनी ने भी अपने विचार रखे.

    सत्र को अभिनेता कबीर बेदी ने भी ऑनलाइन संबोधीत किया. डॉ आशूतोश पातुरकर और डॉ राधाकृष्णन पिल्लई के बिच संवाद ने श्रोताओं को प्रभवित किया. कार्यक्रम का संचालन श्वेता शेलगांवकर ने किया. डॉ राजन वेलूकर, वर्षा मनोहर, आशीष देशमुख, विनोद कुमार जैन, शोभा रायसोनी, श्रेयस रायसोनी व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे.