Mankapur Ring Road

  • 5 सालों से अटका पड़ा है काम
  • वाहन चालक हो रहे परेशान

नागपुर. मानकापुर रिंग रोड पर पिछले तीन सालों से ऐसा ग्रहण लगा हुआ है जो निकलने का नाम नहीं ले रहा है. नागपुर शहर को आसपास से घेरे इस अतिमहत्वपूर्ण मार्ग का करीब आधा हिस्सा ही अभी पूर्ण है जबकि आधा हिस्सा अधूरा या कई खामियों के साथ पूरा हुआ दिखाई दे रहा है. खासकर मानकापुर में यह अब तक पुरानी हालत में ही अटका पड़ा है. वाहन चालकों को इस मार्ग पर बहुत संभलकर निकलना पड़ रहा है. इसके गड्ढों को देखकर हर समय डर बना रहता है कि इन गडढों से बचने के प्रयास में कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए.

जरीपटका के नारा रोड चौक से लेकर मानकापुर के स्वामी अय्यप्पा मंदिर तक यह मार्ग अधूरा छोड़ा गया है जो कि पांच साल बीतने पर भी पूर्ण होने का नाम नहीं ले रहा है. यहां से आने-जाने वाले नागरिक प्रशासन को कोसते हुए निकल रहे हैं. कई नागरिकों का आरोप है कि नेताओं ने फिर उतर नागपुर के साथ भेदभाव कर इस क्षेत्र के रिंग रोड को छोड़ दिया है. इसका पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी हिस्सा पूर्ण हो चुका है जबकि उत्तर नागपुर से होकर गुजरने वाले मार्ग में ही बहुत सारी खामियां, अधूरापन दिखाई पड़ रहा है.

ठेकेदार ने छोड़ दिया निर्माण

बताया जा रहा है कि इस मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के पास थी. अक्टूबर 2015 में निर्माण कार्य का भूमिपूजन केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था. पूरे रोड का निर्माण दो हिस्सों में किए जाने का नियोजन था. इसके फेज 1 में हिंगना रोड टी-पॉइंट से लेकर पूर्वी हिस्सा होते हुए जरीपटका तक हिस्सा था जबकि दूसरे चरण में मानकापुर टी-पॉइंट से लेकर अमरावती रोड वाड़ी तक का हिस्सा था. पहले फेज का निर्माण पुरा हो चुका है जबकि दूसरे फेज का निर्माण अटका पड़ा है. दूसरे फेज का हिस्सा 9.5 किमी लंबा है और इसके लिए 165 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे. बताया जा रहा है कि मुंबई की निर्माण ठेका कंपनी ने बीच में ही काम छोड़ दिया और यहां से चली गई.

Mankapur Ring Road

अविलंब पूरा करें काम

रोजाना इस मार्ग से हिचकोले खाकर गुजरने वाले नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है. रिंग रोड का यह हिस्सा दूसरे पूर्ण हो चुके हिस्से से ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी मार्ग से रोजाना हजारों भारी वाहन महाराष्ट्र के पश्चिमी भाग से आकर कलमना मार्केट में प्रवेश करते हैं.

इस मार्ग से रोजाना आने वाले सैकड़ों ट्रकों में कलमना मार्केट के लिए प्याज व अन्य सामग्री आती है, जबकि कलमना से पश्चिम महाराष्ट्र के लिए भी इसी मार्ग से माल जाता है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ की ओर से आने वाला माल इसी रिंग रोड पर ट्रकों के द्वारा अमरावती की ओर जाता है. शहर के व्यापार की दृष्टि से यह मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है. इसके अलावा सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों के लिए यह रास्ता उपयोगी है. नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों से इस अधूरे काम का मामला उठाकर काम पूरा कराने की मांग की है.