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    नागपुर. राज्य के उप मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर महावितरण ने ‘इज ऑफ लिविंग’ के लिए एक उपक्रम शुरू किया है जिसके तहत पुराना घर या दूकान आदि खरीदने पर बिजली मीटर नये मालिक के नाम पर ऑटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा. महावितरण के आईटी सिस्टम से मुद्रांक शुल्क व रजिस्ट्री विभाग को लिंक किया गया है. जैसे ही किसी के द्वारा पुराने मकान या दूकान की खरीदी कर अपने नाम से उसकी रजिस्ट्री करवाई जाएगी तो इसकी सूचना ऑटोमेटिक महावितरण को मिलेगी.

    महावितरण फिर उस नये मालिक को एसएमएस भेजकर आवश्यक प्रक्रिया शुल्क जमा करने को कहेगा जो ऑनलाइन भी भरा जा सकेगा. शुल्क भरने के बाद अगला बिजली बिल नये मालिक के नाम से भेजा जाएगा. अगर एक से अधिक मालिक हों तो महावितरण द्वारा किसी एक के नाम के चयन का ऑप्शन दिया गया है. इस नई प्रक्रिया के लागू होते ही अब पुरानी प्रॉपर्टी खरीदने वाले ग्राहक को अपने नाम से मीटर करवाने के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इस सिस्टम को अमल में लाने के लिए फडणवीस ने महावितरण के अध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक विजय सिंघल का अभिनंदन भी किया है. 

    पहले जटिल थी प्रक्रिया

    पुराने घर या दूकान आदि खरीदने पर मीटर का नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया काफी जटिल थी. प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के बाद पुराने मालिक द्वारा नये मालिक के नाम पर मीटर करने के लिए स्वतंत्र आवेदन करना होता था. उसके बाद सारे कागजात लगाने होते थे. प्रक्रिया शुल्क भरने के बाद महावितरण के कर्मचारी द्वारा जांच की जाती थी और उसके बाद भी नाम हस्तांतरण में काफी समय लग जाता था. सिंघल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘इज ऑफ लिविंग’ का संदेश है और उसके अनुसार योजना को अमल में लाने का निर्देश डीसीएम व ऊर्जा मंत्री फडणवीस ने दिया था. अक्टूबर से इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया गया था और अब ग्राहकों को इस नई सुविधा का लाभ मिल रहा है.