Mamata Banerjee Mumbai Visit : CM Mamata Banerjee's meeting with Aditya Thackeray today in Mumbai, Sanjay Raut said - I will also be present in the meeting
File Photo

    नागपुर. कोरोडी और खापरखेड़ औष्णिक विद्युत निर्मिति प्रकल्प परिसर में होने वाले वायु व जल प्रदूषण के बारे में स्थानीय नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने परिस्थिति की समीक्षा की. इस दौरान राज्य सरकार के विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय योजना तैयार करने के निर्देश दिये.

    पर्यावरण मंत्री ने कोराडी और खापरखेड़ा औष्णिक विद्युत प्रकल्प की वजह से परिसर में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए निर्णायक उपाय योजना की सूची महाराष्ट्र विद्युत निर्मिति कंपनी, प्रदूषण नियंत्रण महामंडल सहित सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, मंथन अध्ययन केंद्र पुणे को देने को निर्देश दिये. ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. उपाय योजना के संबंध में प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद विद्युत निर्मिति प्रकल्प परिसर में प्रदूषण नियंत्रण के बारे में ठोस उपाय योजना करने के निर्देश दिये. इस संबंध में प्रस्तावित कृति प्रारुप तैयार करने के लिए ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत, महानिर्मिति व नियंत्रण महामंडल के साथ बैठक ली जाएगी. परिसर में जल स्त्रोत में फ्लाई ऐश के प्रदूषण की स्थिति जानने के लिए मंथन और सीएफएसडी संस्था को आमंत्रित किया गया था.

    नांदगांव में फ्लाई ऐश से बढ़ीं दिक्कतें

    मंथन,सीएफएसडी और असर संस्था ने 18 नवंबर को कोराडी और खापरखेड़ा में होने वाले प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. रिपोर्ट प्रदूषित घटकों को जल्द रोकने की आवश्यकता बताई गई है. साथ ही स्थानीय समूह और नागरी संस्था सदस्य सहित स्वतंत्र विशेषज्ञों के निरीक्षण में अब तक प्रदूषण से हुये दुष्परिणाम को दूर करने का सुझाव भी दिया गया. जिले के नांदगांव में स्थानीय नागरिकों द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये बिना ही फ्लाई ऐश डाली जा रही है. अध्ययनकर्ताओं ने इस अवसर पर कोराडी प्रकल्प में नया यूनिट नहीं बनाने और नांदगांव में नये फ्लाई ऐश पांड को शुरू नहीं करने की मांग की गई. 

    जल स्रोतों में जहरीली धातु 

    मंथन अध्ययन केंद्र के समन्वयक श्रीपाद धर्माधिकारी ने अध्ययन के निष्कर्ष को बैठक में रखा. उन्होंने बताया कि  जल प्रदूषण के कारण बड़े पैमाने पर भारी जहरीली घातु मिल रही है. सीएफएसडी की संचालक लीना बुद्धे ने नांदगांव की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डाला. करीब 750 एकड़ में फैले नये ऐश पांड में सभी मापदंडों का रौंदा जा रहा है. इसे रोकना होगा. ऐश पांड की वजह से फसलों को नुकसान हो रहा है. कन्हान और कोलार नदी भी प्रदूषित हो गई है. ऐश पांड की वजह से 50 मीटर पर बहने वाली पेंच नदी भी प्रदूषित हो गई है. आदित्य ने महानिर्मिति अधिकारियों को प्रत्यक्ष घटना स्थल पर जाकर परिस्थिति का जायजा लेने, फ्लाई ऐश का पानी और स्वास्थ्य पर होने वाले परिणाम की जांच करने के निर्देश दिये. फ्लाई ऐश का संपूर्ण राज्य में 100 फीसदी उपयोग करने के बारे में उपाय योजना विकसित करने की सिफारिश की गई है.