Nashik Municipal Corporation suffered a setback of 150 crores in the first quarter, the councilors may have to face problems
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    नाशिक : नाशिक महानगरपालिका चुनाव (Nashik Municipal Election) के लिए फिर से लॉटरी (Lottery) के माध्यम से तय किए गए प्रभाग निहाय आरक्षण (Reservation) के विरोध में मंगलवार को एक साथ 14 शिकायतें (Complaints) दर्ज होने से अब शिकायतों की संख्या 15 पर पहुंच गई है। सिडको में एक ही वार्ड यानी वार्ड नंबर 35 में आरक्षण को लेकर सबसे ज्यादा 10 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विगत 31 मई को निकाले गए लाटरी ड्रा के अनुसार आरक्षण बनाए रखने की मांग की थी। कहा जा रहा है कि इस संबंध में अगली अधिसूचना आगामी 5 अगस्त को जारी की जाएगी। 

    सुप्रीम कोर्ट ने महानगरपालिका-नगरपालिका चुनावों में ओबीसी आरक्षण को बनाए रखने का फैसला किया था। 35 ओबीसी सीटों के लिए 29 जुलाई को फिर से आरक्षण किया गया। 133 में से, अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 29 सीटों का आरक्षण रखा गया था और शेष 104 सामान्य सीटों में से 35 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित थीं, इसके कारण सामान्य वर्ग में सीटों की संख्या कम हो गई और सामान्य महिला आरक्षित सीटों को भी बदलना पड़ा। 34 सामान्य महिला सीटों के लिए अलग से आरक्षण किया गया था। इस ड्रा पर आपत्ति और सुझाव दाखिल करने की समय सीमा 2 अगस्त तक थी। इस दौरान सभी छह विभागों से 15 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। 

    ऐसी हैं शिकायतें

    पुराने नाशिक के वार्ड नंबर 19 में 31 मई को ड्रॉ में क्रमश: ए-सर्वसाधारण प्रवर्ग महिला के लिए, बी- सर्वसाधारण खुला प्रवर्ग और सी-सर्वसाधारण खुला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, हालांकि 29 जुलाई को हुए पुन: आरक्षण ड्रा में ए-वर्ग ओबीसी महिलाओं, बी-जनरल महिलाओं और सी-जनरल महिलाओं को आरक्षण दिया गया था। अन्याय पर आपत्ति जताते हुए नंदन भास्करे ने मांग की है कि 31 मई को होने वाले ड्रा के अनुसार आरक्षण बरकरार रखा जाए।  अंबड, चुंचाले क्षेत्र में वार्ड संख्या 35 के संबंध में सूरज येल्मामे, प्रदीप गोफणे, मंगेश मोरे, गौतम पराडे, प्रफुल्ल व्यवहारे आदि ने शिकायतें दर्ज कराई थी।  अब एक बार फिर 15 शिकायतें सामने आई हैं। अब देखना यह है कि शिकायतों का निराकरण पूरी तरह के कब हो पाता है और शिकायतों के निवारण के बाद महानगरपालिका चुनाव की तिथियों कब तक घोषित हो पाती हैं।