mumbai-booked-in-sexual-assault-case-of-male-covid-patient-doctor-acquitted

    नाशिक: जाको राखे साइयां मार सके न कोय। कुछ ऐसी ही बात 100 फीट गहरी खाई (Ditch) में गिरी महिला की जान बचाने के लिए आए दो डॉक्टरों (Doctors) के बारे में कही जा रही है। 100 फीट गहरी घाटी में पैर फिसलकर गिरी महिला (Woman) को शायद ही इस बात का भरोसा होगा कि उसकी जान बच पाएगी। खाई में गिरी महिला को बचाने के लिए जब दो डॉक्टर घटनास्थल पर आए तो लोगों ने उन्हें डॉक्टर नहीं, बल्कि देवदूत ही घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों डॉक्टर समय पर नहीं आते तो खाई में गिरी महिला का बचना संभव नहीं था।

    नाशिक के चमारलेनी क्षेत्र में रविवार को छुट्टी होने के कारण यहां भीड़ ज्यादा होती है। यहां पर्यटन के लिए आने वाले लोग सीढ़ियां चढ़कर गुफा तक पहुंचते हैं। यहां पर्यटन के लिए आई एक महिला का पहाड़ी पर चढ़ते समय संतुलन बिगड़ गया और वह 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। 

    लोग कर रहे डॉक्टरों की सराहना

    महिला के खाई गिरने के बाद हंगामा मच गया। इस दौरान यहां पहुंचे नाशिक के डॉ. रवि किरण निकम और डॉ. गणेश शिंदे को भी इस बात की जानकारी मिली। दोनों डॉक्टर बिना देर किए जान जोखिम में डालकर घाटी में उतर गए। जब डॉक्टर खाई में उतरे तो महिला वहां बेहोश मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान दिखे। दोनों डॉक्टरों ने महिला को खाई से बाहर निकाला और उसे अस्पताल ले गए। लोगों ने डॉक्टरों की सराहना की।