A chance for practical, skill oriented education Savitribai Phule University of Pune ICAI

  • वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए डॉ. नितीन करमलकर के विचार
  • सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय और 'आईसीएआई' के बीच शैक्षणिक समझौता

पुणे. सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (Savitribai Phule University of Pune) और ‘आईसीएआई’ (‘ICAI’) के बीच हुए शैक्षणिक समझौता ज्ञापन के कारण कॉमर्स के छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ वित्तीय कौशल, रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिलेगी. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही, छात्र विभिन्न औद्योगिक कंपनियों, चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थाओं में प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने में सक्षम होंगे. 

छात्रों (Students) और फैकल्टी (Faculty नई गतिविधियों, पाठ्यक्रमों, मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करने में मदद होगी. ऐसे विचार सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. नितीन करमलकर ने किया.

विश्वविद्यालयों में भी बदलाव जरूरी

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसीपीपीयू) और द इन्स्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के बीच एकेडमिक समझौता ज्ञापन हुआ. विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. नितीन करमलकर और ‘आईसीएआई’ के उपाध्यक्ष सीए निहार जांबूसरिया ने इस समझौते का आदान प्रदान किया. सेनापती बापट रोड स्थित पांच सितारा होटल में यह समारोह आयोजित हुआ. करमलकर ने कहा कि समाज में होने वाले बदलाव विश्वविद्यालयों में भी होने की जरूरत है. करोना काल में छात्रों की परीक्षा लेना ही एक बड़ी इस काल मे कई त्रुटियों के बारे में सोचने के लिए समय मिला. हम विभिन्न संस्थानों के साथ समझौते कर रहे हैं. आपसी सहयोग से नई पहल हो रही है. यह नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन करने में एक सकारात्मक कदम है.

छात्र अवस्था से ही कंपनियों में काम करने में सक्षम  

सीए निहार जांबूसरिया ने कहा कि विश्वविद्यालय के साथ समझौता एक ऐतिहासिक घटना है. छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ ही व्यावहारिक ज्ञान लेना चाहिए. इस घटना के कारण छात्र अवस्था से ही से कंपनियों में जाने और काम करने में सक्षम होंगे. यह अनुभव की समृद्धि को बढ़ाएगा. चार्टर्ड अकाउंटेंट को वाणिज्य शाखा में डॉक्टरेट और अन्य अध्ययनों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया मंच मिलेगा. विश्वविद्यालय में 40 प्रतिशत छात्र वाणिज्य शाखा में पढ़ रहे हैं. समझौते से छात्रों में कार्यक्षमता में वृद्धि होगी. प्लेसमेंट के लिए मदद होगी. पाठ्यपुस्तक और व्यावहारिक ज्ञान के बीच का अंतर कम हो जाएगा. प्रोफेसरों और छात्रों दोनों के लिए अच्छी गतिविधियों को लागू किया जाएगा. ऐसा विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरू डॉ. एन. एस. उमराणी ने कहा. सीए चंद्रशेखर चितले ने कहा कि कॉमर्स ब्रांच को छात्रों का शानदार प्रतिसाद होता है. हालांकि, उनके पास व्यावहारिक ज्ञान की कमी होती है. चार्टर्ड एकाउंटेंट की मदद से इन छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और कार्य अनुभव प्राप्त होगा.

इनकी रही उपस्थिति

इस समय  कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल पवार, ‘एओएसएसजी’ के अध्यक्ष डॉ. एस. बी. झावरे, ‘डब्ल्यूआयआरसी’ के अध्यक्ष सीए ललित बजाज, ‘आईसीएआई’ पुणे शाखा के अध्यक्ष सीए अभिषेक धामणे, उपाध्यक्ष सीए समीर लड्डा, सचिव और कोषाध्यक्ष सीए काशीनाथ पठारे, सीए यशवंत कासार, सीए मुर्तजा काचवाला, उद्योग-व्यवसाय समिति के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा सहित कई सीए और कई लोग मौजूद थे.