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    पिंपरी : केंद्र सरकार (Central Government) की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana) के पिंपरी चिंचवड़ शहर (Pimpri Chinchwad City) में विफल होने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटिल (Sanjog Waghre Patil) ने महानगरपालिका के सत्तादल भाजपा पर हल्लाबोल करते हुए आरोप लगाया है कि, सत्तारूढ़ भाजपा के भ्रष्ट प्रबंधन और गलत योजना के कारण शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना को सफलतापूर्वक लागू नहीं किया जा सका।

    पांच साल में कोई भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है। शहर में आवास योजना से किसी को मकान नहीं मिला। भाजपा ने बेहद गरीबों के घर के सपने पर पानी फेरने का काम किया है। इस संबंध में वाघेरे पाटिल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि, झूठे आश्वासनों से सत्ता में आए भाजपा नेताओं और शहर के अधिकारियों के पास पिंपरी चिंचवड़ महनगरपालिका में भ्रष्टाचार का सामना करने के लिए कोई जगह नहीं है। यही बात बार-बार साबित हो रही है।  उनके राज्य के नेता शहर की उपेक्षा करते हैं।

    शहर के नेता भ्रष्टाचार पर बात करने को तैयार नहीं हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रधानमंत्री आवास परियोजना के जरिए हर साल लोगों को घर मुहैया कराने का वादा किया था। उस आवास योजना परियोजना में सत्ताधारी भाजपा ने ऊंची दरों पर ठेके देकर भ्रष्टाचार शुरू किया। नतीजा यह हुआ कि, पिंपरी चिंचवाड़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण बर्बाद कर दिया।

    मई 2019 को जारी कार्य आदेश की अवधि 30 महीने थी

    रावत में 1,080 मकान बनाने  महानगरपालिका ने मेसर्स मैन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी को ठेका दिया गया था। इस कार्य के लिए कुल 79 करोड़ 45 लाख 92 हजार 790 रुपये का टेंडर किया गया था। हालांकि यह काम करीब 9 करोड़ रुपये की ऊंची दर पर दिया गया था। 30 मई 2019 को जारी कार्य आदेश की अवधि 30 महीने थी। यह अवधि समाप्त हो गई है और परियोजना का केवल 1 फीसदी कार्य पूरा किया गया है। जब जमीन पर कब्जा नहीं था तो टेंडर प्रक्रिया की जल्दबाजी क्यों?  जब कोर्ट का स्टे ऑर्डर था तो सत्तारूढ़ भाजपा श्रेय लेने के लिए 1,080 घरों का ड्रा क्यों निकाला? उस समय गरीबों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए, इसलिए राष्ट्रवादी ने इस ड्रा का विरोध किया था। रावेत परियोजना आज भी उसी स्थिति में है। केवल श्रेय लेने के लिए भाजपा ने ड्रा निकालकर गरीबों की आंखों में धूल झोंकी। उनसे धोखाधड़ी की गई, क्योंकि भाजपा पदाधिकारी, महानगरपालिका अधिकारी और सलाहकारों के भ्रष्ट प्रबंधन के चलते प्रोजेक्ट पर लगा सवालिया निशान आज भी कायम है।

    च-होली, बो-हाडेवाडी आवास योजना भी अधूरी

    मोशी में च-होली और बो-हाड़ेवाड़ी में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परियोजनाएं ठप हैं। च-होली में 1442 घर हैं और यह काम भी मेसर्स मैन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को ही दिया गया है। इस कार्य के लिए कुल 132 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इस काम की मियाद को अक्टूबर 2020 के अंत तक बढ़ाया गया है। हालांकि अब तक 35 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। बो-हाड़ेवाडी में 1,400 घरों का निर्माण एस  जे संविदा प्रा. लिमिटेड  कंपनी को दिया गया है। इसके लिए कुल 112 करोड़ 19 लाख 23 हजार 406 रुपये का भुगतान किया जाएगा। यहां भी 55 फीसदी ही काम हो पाया है। इन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं में से कोई भी पूरा नहीं किया गया है। राष्ट्रवादी के शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटिल ने आलोचना की है कि उन्होंने गतिमान प्रशासन के नाम पर केवल गरीबों के सपनों पर पानी फेरने का काम किया है।